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पूर्वांचल की रसोई में कोनिया की सब्जी का जायका
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कोनिया क्षेत्र में गंगा के तटवर्ती इलाकों में पैदा हो रही हरी सब्जियां पूर्वांचल के कई जनपदों के रसोई का जायका बढ़ा रही हैं। कोनिया के डीघ, दस्युपुर, इटहरा, मवैया, छेछुआ, धनतुलसी, भुर्रा, गजाधर पुर, कूड़ी आदि गांवों के गंगा कछार में लगभग डेढ़ हजार बीघे में बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती कर किसान मुनाफा कमा रहे हैं। इसमें सबसे अधिक परवल की खेती हो रही है।
कोनिया क्षेत्र में गंगा के तटवर्ती इलाकों में पैदा हो रही स्वादिष्ट सब्जियों का पूर्वांचल के कछवां जैसी बड़ी मंडियों में काफी मांग है। परवल, टमाटर, कद्दू, लौकी, भिंडी, करेला, नेनुआ आदि सब्जियां छोटे ट्रकों में भर कर बड़ी मंडियों में भेजी जाती हैं। मांग को देखते हुए कोनिया क्षेत्र के पढ़े लिखे युवाओं का रुझान सब्जी की खेती की तरफ से तेजी से बढ़ा है। कोनिया के डीघ गांव की दस्युपुर बस्ती के दर्जन भर से अधिक पढ़े लिखे नौजवान मेहनत करके वैज्ञानिक तरीके से सब्जी की खेती कर रहे हैं। दस्युपुर गांव के युवा न सिर्फ अच्छा पैसा कमा रहे हैं बल्कि उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं जो पढ़ लिखकर नौकरी की तलाश में शहरों में भटक रहे हैं। सब्जी की खेती से गांव के काफी संख्या में मजदूरों को रोजगार भी मिला है। गंगा तटीय डीघ के दस्युपुर निवासी रवि सिंह गणित से बीएससी हैं। उन्होंने चार बीघे में परवल की खेती की है। बीएससी तक शिक्षा ग्रहण करने वाले पवन सिंह, स्नातक भूपेश सिंह ने आठ बीघे में परवल की खेती की है। अभिषेक सिंह एमए तक पढ़ लिख कर सब्जी की खेती से जुड़े हैं। अजय सिंह, मोनू सिंह, सोनू सिंह, विजेंद्र सिंह, शिवराज सिंह, अनिल सिंह अरविंद सिंह, निखिल सिंह, विनोद आदि पढ़ाई के साथ-साथ सब्जी की खेती करते हैं। यहीं नहीं, गांव की दो बेटियां नेहा निषाद इंटरमीडिएट में और उनकी छोटी बहन खुशी आठवीं में पढ़ती हैं, ये दोनों बहनें अपनी मां रीता देवी और पिता ड्राइवर निषाद के साथ गंगा के तटवर्ती क्षेत्र में तीन बीघे में सब्जी की खेती में सहयोग करती हैं। इनके खेतों में परवल, टमाटर करेला, नेनुआ, लौकी आदि की फसल लहलहा रही है।
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कोनिया क्षेत्र में गंगा के तटवर्ती इलाकों में पैदा हो रही स्वादिष्ट सब्जियों का पूर्वांचल के कछवां जैसी बड़ी मंडियों में काफी मांग है। परवल, टमाटर, कद्दू, लौकी, भिंडी, करेला, नेनुआ आदि सब्जियां छोटे ट्रकों में भर कर बड़ी मंडियों में भेजी जाती हैं। मांग को देखते हुए कोनिया क्षेत्र के पढ़े लिखे युवाओं का रुझान सब्जी की खेती की तरफ से तेजी से बढ़ा है। कोनिया के डीघ गांव की दस्युपुर बस्ती के दर्जन भर से अधिक पढ़े लिखे नौजवान मेहनत करके वैज्ञानिक तरीके से सब्जी की खेती कर रहे हैं। दस्युपुर गांव के युवा न सिर्फ अच्छा पैसा कमा रहे हैं बल्कि उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं जो पढ़ लिखकर नौकरी की तलाश में शहरों में भटक रहे हैं। सब्जी की खेती से गांव के काफी संख्या में मजदूरों को रोजगार भी मिला है। गंगा तटीय डीघ के दस्युपुर निवासी रवि सिंह गणित से बीएससी हैं। उन्होंने चार बीघे में परवल की खेती की है। बीएससी तक शिक्षा ग्रहण करने वाले पवन सिंह, स्नातक भूपेश सिंह ने आठ बीघे में परवल की खेती की है। अभिषेक सिंह एमए तक पढ़ लिख कर सब्जी की खेती से जुड़े हैं। अजय सिंह, मोनू सिंह, सोनू सिंह, विजेंद्र सिंह, शिवराज सिंह, अनिल सिंह अरविंद सिंह, निखिल सिंह, विनोद आदि पढ़ाई के साथ-साथ सब्जी की खेती करते हैं। यहीं नहीं, गांव की दो बेटियां नेहा निषाद इंटरमीडिएट में और उनकी छोटी बहन खुशी आठवीं में पढ़ती हैं, ये दोनों बहनें अपनी मां रीता देवी और पिता ड्राइवर निषाद के साथ गंगा के तटवर्ती क्षेत्र में तीन बीघे में सब्जी की खेती में सहयोग करती हैं। इनके खेतों में परवल, टमाटर करेला, नेनुआ, लौकी आदि की फसल लहलहा रही है।
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