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कर्मचारियों ने काम ठप कर किया प्रदर्शन
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2016 01:14 AM IST
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जिला मुख्यालय पर लेखपालों के धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष धर्मराज यादव।
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पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर कई विभागों के सरकारी कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर चले गए। इससे लगभग सभी विभागों में कामकाज ठप हो गए। इसके चलते काम के सिलसिले में पहुंचे फरियादियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कर्मचारी कामकाज ठप कर धरना-प्रदर्शन करने लगे।राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की जिला इकाई दस सूत्री मांगों को लेकर सड़क पर उतर गई। संगठन के जिलाध्यक्ष प्रभाशंकर मिश्र की अगुवाई में संगठन के लोगों ने जिला मुख्यालय पर धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने के साथ ही एसीपी योजना में आठ, 16 और 24 वर्षों पर प्रोन्नत पद का ग्रेड पे दिया जाए।
साथ ही समस्त संवर्ग की लंबित वेतन विसंगतियों का निराकरण करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने अंतरजनपदीय शिक्षकों को मौलिक नियुक्ति से वरिष्ठता देने, सफाईकर्मियों की सेवा नियमावली प्रकाशित करने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं का मानदेय न्यूनतम 15 हजार करने समेत 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर राजेंद्र तिवारी, रामहित बिंद, श्रीप्रकाश, रमाशंकर मिश्रा, अजीत सिंह, कृष्ण गोपाल जायसवाल, रवींद्र तिवारी, सूरज सिंह, पंचम राम आदि मौजूद थे। संचालन संगठन के महामंत्री कृष्ण कुमार उपाध्याय ने किया।
मिनिस्टीरियल एसोसिएशन इरिगेशन डिपार्टमेंट के बैनर तले कर्मचारियों ने शुक्रवार को हड़ताल की। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि कर्मचारी हित के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। संगठन के मंत्री जंगबहादुर यादव, चंद्रभान सिंह, रिपुसूदन गुलाब श्रीवास्तव, अभिषेक तिवारी, बृजेश सिंह, मिथलेश कुमार, धीरज पाठक, अखिलेश चौबे, मो. अरशद सिद्दीकी, अजय यादव समेत तमाम कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए।
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इसी तरह ओबीटी मजदूर सभा भी कालीन श्रमिकों के हित के लिए हड़ताल में शामिल हुई। ओबीटी कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों से जुड़ा पत्रक प्रशासन को सौंपा। कर्मचारियों ने कहा कि न्यूनतम वेतन कानून के अनुसार संशोधन करते हुए सभी का न्यूनतम वेतन 18 हजार किया जाए और मूल्य सूचकांक से जोड़ा जाए। कहा कि कालीन उद्योग से ठेका प्रथा बंद की जाए। प्रदर्शनकारियों ने बुनकरों के लिए अलग से कर्मकार कल्याण बोर्ड का गठन करने की मांग की। ऊनी कालीन उद्योग के बुनकरों और श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी कम से कम 600 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर संगठन के मंत्री राकेश यादव, मो. वाहिद अली खां, राजेंद्र पांडेय, जयशंकर, चंद्रशेखर पांडेय मौजूद रहे। इस दौरान विभिन्न विभागों में काम के सिलसिले में पहुंचे लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा।
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साथ ही समस्त संवर्ग की लंबित वेतन विसंगतियों का निराकरण करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने अंतरजनपदीय शिक्षकों को मौलिक नियुक्ति से वरिष्ठता देने, सफाईकर्मियों की सेवा नियमावली प्रकाशित करने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं का मानदेय न्यूनतम 15 हजार करने समेत 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर राजेंद्र तिवारी, रामहित बिंद, श्रीप्रकाश, रमाशंकर मिश्रा, अजीत सिंह, कृष्ण गोपाल जायसवाल, रवींद्र तिवारी, सूरज सिंह, पंचम राम आदि मौजूद थे। संचालन संगठन के महामंत्री कृष्ण कुमार उपाध्याय ने किया।
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मिनिस्टीरियल एसोसिएशन इरिगेशन डिपार्टमेंट के बैनर तले कर्मचारियों ने शुक्रवार को हड़ताल की। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि कर्मचारी हित के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। संगठन के मंत्री जंगबहादुर यादव, चंद्रभान सिंह, रिपुसूदन गुलाब श्रीवास्तव, अभिषेक तिवारी, बृजेश सिंह, मिथलेश कुमार, धीरज पाठक, अखिलेश चौबे, मो. अरशद सिद्दीकी, अजय यादव समेत तमाम कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए।
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इसी तरह ओबीटी मजदूर सभा भी कालीन श्रमिकों के हित के लिए हड़ताल में शामिल हुई। ओबीटी कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों से जुड़ा पत्रक प्रशासन को सौंपा। कर्मचारियों ने कहा कि न्यूनतम वेतन कानून के अनुसार संशोधन करते हुए सभी का न्यूनतम वेतन 18 हजार किया जाए और मूल्य सूचकांक से जोड़ा जाए। कहा कि कालीन उद्योग से ठेका प्रथा बंद की जाए। प्रदर्शनकारियों ने बुनकरों के लिए अलग से कर्मकार कल्याण बोर्ड का गठन करने की मांग की। ऊनी कालीन उद्योग के बुनकरों और श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी कम से कम 600 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर संगठन के मंत्री राकेश यादव, मो. वाहिद अली खां, राजेंद्र पांडेय, जयशंकर, चंद्रशेखर पांडेय मौजूद रहे। इस दौरान विभिन्न विभागों में काम के सिलसिले में पहुंचे लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा।