{"_id":"6161ea388ebc3ed33a55ec9d","slug":"the-construction-of-the-bridge-was-to-be-completed-in-12-months-incomplete-even-after-19-months-bhadohi-news-vns6158833135","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 माह में पूरा होना था पुल का निर्माण, 19 माह बाद भी अधूरा..","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 माह में पूरा होना था पुल का निर्माण, 19 माह बाद भी अधूरा..
विज्ञापन
दुर्गागंज। कालीन नगरी यानी भदोही से प्रयागराज, जौनपुर को जोड़ने वाले अभोली ब्लाक के हरदुआ घाट पर पुल निर्माण के लिए वर्ष 2020 में स्वीकृति मिली थी। 1.48 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराना जाना था, लेकिन निर्धारित 12 माह का समय बीतने के बाद भी अब तक पूर्ण नहीं हो सका। आधी धनराशि खर्च करने के बाद कार्यदायी संस्था से काम बंद कर दिया है। यदि इस पुल का निर्माण पूर्ण हो जाए तो लोगों को 20 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करने से राहत मिलेगी।
भदोही जिले के पश्चिमी-उत्तरी सीमा का अंतिम गांव हरदुआ है। यहां से पड़ोसी जिला जौनपुर, प्रयागराज की सीमाएं मात्र एक किलोमीटर रह जाती हैं। क्षेत्र से होकर बहने वाली वरुणा नदी के बीच में लोग बांस-बल्ली से बने अस्थाई पुल का सहारा लेकर ही आगे जाते थे। नदी का जलस्तर बढ़ने पर अस्थाई पुल भी बेकार नजर आने लगा। क्षेत्रवासियों की विशेष मांग पर प्रदेश सरकार ने हरदुआ-कमासिन घाट पर पुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को फरवरी 2020 में जिम्मेदारी दी थी। कार्यदाई संस्था को आधी धनराशि मिलने पर अभी तक सिर्फ पीलर ही बनाया गया है। लोक निर्माण विभाग के जेई आलोक कुमार ने बताया कि पुल का निर्माण फरवरी 2021 में पूर्ण हो जाना चाहिए था, लेकिन नहीं हो पाया।
जौनपुर-प्रयागराज की सीमा में जाने के लिए दिक्कत होती है। यदि पुल का निर्माण पूर्ण हो जाए तो काफी राहत मिलेगी। करीब डेढ़ साल से निर्माण चल रहा है।
- राजू पांडेय, जोगापुर
जब पुल निर्माण की स्वीकृति मिली थी तब काफी खुशी थी, उम्मीद थी कि समय से काम भी पूर्ण हो जाएगा, लेकिन 19 माह का समय बीतने के बाद भी अधूरा है। इससे लोगों केे आवागमन में दिक्कत होती है।
विज्ञापन
- संकठा यादव, हरदुआ
काफी उम्मीद पाली रखी थी कि इस वर्ष पुल बन जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ऐसे में लोगों केे 20 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। पुल बनने से राहत मिलेगी।
राजू सिंह, हरदुआ
पुल न होने के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत तो महिलाओं व बच्चों को होती है। पुल के अभाव में काफी परेशानी होती है। जंघई से होकर जाने वाले मार्ग पर पानी भरा है।
रंजीत पांडेय, जोगापुर
धनराशि पहली किस्त ही मिली थी उससे जितना काम होना था वह पूर्ण हो गया। अब पुन: बजट प्राप्त हुआ है जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।
- एसबी राव, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
भदोही जिले के पश्चिमी-उत्तरी सीमा का अंतिम गांव हरदुआ है। यहां से पड़ोसी जिला जौनपुर, प्रयागराज की सीमाएं मात्र एक किलोमीटर रह जाती हैं। क्षेत्र से होकर बहने वाली वरुणा नदी के बीच में लोग बांस-बल्ली से बने अस्थाई पुल का सहारा लेकर ही आगे जाते थे। नदी का जलस्तर बढ़ने पर अस्थाई पुल भी बेकार नजर आने लगा। क्षेत्रवासियों की विशेष मांग पर प्रदेश सरकार ने हरदुआ-कमासिन घाट पर पुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को फरवरी 2020 में जिम्मेदारी दी थी। कार्यदाई संस्था को आधी धनराशि मिलने पर अभी तक सिर्फ पीलर ही बनाया गया है। लोक निर्माण विभाग के जेई आलोक कुमार ने बताया कि पुल का निर्माण फरवरी 2021 में पूर्ण हो जाना चाहिए था, लेकिन नहीं हो पाया।
विज्ञापन
जौनपुर-प्रयागराज की सीमा में जाने के लिए दिक्कत होती है। यदि पुल का निर्माण पूर्ण हो जाए तो काफी राहत मिलेगी। करीब डेढ़ साल से निर्माण चल रहा है।
- राजू पांडेय, जोगापुर
जब पुल निर्माण की स्वीकृति मिली थी तब काफी खुशी थी, उम्मीद थी कि समय से काम भी पूर्ण हो जाएगा, लेकिन 19 माह का समय बीतने के बाद भी अधूरा है। इससे लोगों केे आवागमन में दिक्कत होती है।
विज्ञापन
- संकठा यादव, हरदुआ
काफी उम्मीद पाली रखी थी कि इस वर्ष पुल बन जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ऐसे में लोगों केे 20 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। पुल बनने से राहत मिलेगी।
राजू सिंह, हरदुआ
पुल न होने के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत तो महिलाओं व बच्चों को होती है। पुल के अभाव में काफी परेशानी होती है। जंघई से होकर जाने वाले मार्ग पर पानी भरा है।
रंजीत पांडेय, जोगापुर
धनराशि पहली किस्त ही मिली थी उससे जितना काम होना था वह पूर्ण हो गया। अब पुन: बजट प्राप्त हुआ है जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।
- एसबी राव, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी