सावन मास के अंतिम सोमवार को सभी शिवालयों में हर हर महादेव जयकारा गूंजता रहा। इस दौरान सभी शिवालयों दूध, बिल्व, मंदार, जल अर्पित कर विधि विधान से महादेव का दर्शन पूजन किया। ज्ञानपुर नगर में स्थित प्राचीन बाबा हरिहर नाथ मंदिर में सुबह चार बजे भोर से ही दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। सबसे पहले बाबा हरिहर नाथ को स्नान कराकर उनका शृंगार किया गया। मंदिर के मुख्य महंत की ओर से उनकी भस्म व चंदन से विधिवत पूजन करने के बाद आरती उतारी गई। फिर आम भक्तों के लिए बाबा हरिहरनाथ के गर्भगृह का कपाट खोल दिया गया। इस दौरान भोर में जैसे ही बाबा हरिहरनाथ मंदिर का कपाट खुला श्रद्धालुओं के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। गोपीगंज में स्थित बड़े शिव मंदिर में भी सुबह भोर से ही दर्शन पूजन करने वाले भक्तों की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ने लगी। इस दौरान श्रद्धालु भक्तों ने बाबा बड़े शिव को दूध बिल्व पत्र, धतूरा, मंदार, दही व जल चढ़ाकर उनका अभिषेक किया। इस दौरान बड़े शिव मंदिर में दर्शनार्थियों की लंबी लाइन लगी रही। सेमराधनाथ मंदिर भी सावन के अंतिम सोमवार को दर्शन पूजन करने वाले भक्तों की भीड़ लगी रही। इस दौरान बाबा सेमराध नाथ में दर्शन पूजन के लिए पहुंचे भक्तों ने गंगा में स्नान करने के बाद बाबा सेमराधन का गंगा जल अर्पित कर उनका जलाभिषेक किया। हालांकि इस दौरान कई भक्तों ने बाबा सेमराध नाथ का दूध व शहद से भी अभिषेक किया। जिले के अन्य शिव मंदिर जिनमें प्रमुख रुप से गोपेश्वर नाथ मंदिर, सिद्धेश्वर नाथ, बाबा कबूतर नाथ मंदिर गोपीगंज, जोगीबीर महादेव मंदिर गोपीगंज में भी भारी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर दर्शन पूजन करा दिया गया। इसके अलावा मनकामेश्वर नाथ मंदिर व तिलंगागांव में स्थित बाबा तिलेश्वरनाथ और गोपीगंज क्षेत्र में स्थित पांडवानाथ, बेरासनाथ, स्वामी बड़ा देव, गंगेश्वर नाथ, धनेश्वरनाथ आदि मंदिरों में लंबी कतार देखी गई। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के दृष्टिकोण से मंदिर परिसर में पुरुष व महिला कांस्टेबल के साथ पुलिस के जवानों की चाक चौबंद व्यवस्था रही।