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थैंक्यू मां...तिहरी जिम्मेदारी के लिए आपको सैल्यूट!

Sat, 09 May 2020 09:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2020 09:00 PM IST
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Thank you mother Salute you for the triple responsibility
सीएचसी गोपीगंज में काम करतीं स्टाफ नर्स सीमा देवी। - फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है, मां बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है...। अभी जिंदा है मां मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा, मैं जब घर से निकलता हूं, दुआ भी साथ चलती है...। मां के व्यक्तित्व को परिभाषित करने के लिए ये लाइनें काफी तो हैं, लेकिन शायद मुकम्मल नहीं। वह इसलिए, क्योंकि मां दुनिया के सभी शब्दों से परे है। कोरोना संक्रमण काल में भी माताओं ने इसे सिद्ध किया है। कई माताओं ने जिम्मेदारियों के बढ़े बोझ को जहां हंसते-हंसते स्वीकार कर लिया है, वहीं बच्चे भी फख्र से भर गए हैं।
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गोपीगंज सीएचसी में कोरोना वारियर्स की भूमिका निभा रहीं स्टॉफ नर्स सीमा इसकी बानगी हैं। वह 12-12 घंटे की अनवरत ड्यूटी के बावजूद अपने तीन बच्चों की परवरिश भी बखूबी करती हैं। अब कोरोना संक्रमण काल में उनकी कामकाजी जीवनचर्या बोझिल हो गई है, लेकिन इसके बाद भी वह तिहरी जिम्मेदारियों के बोझ को पूरी शिद्दत से निभा रहीं हैं। उनके खानपान से लेकर ऑनलाइन क्लास तक के साथ अपनी ड्यूटी भी। 13 साल की बड़ी बेटी सौम्या सेंट थॉमस स्कूल में सातवीं की छात्रा है। दूसरी बेटी वैष्णवी 10 वीं की है और तीसरा बेटा प्रिकांत महज तीन वर्ष का है। पति रेलवे कर्मचारी हैं, जो वाराणसी में कैंट स्टेशन पर तैनात हैं। वह वहीं रहते हैं। बड़ी बेटी सौम्या मां पर गर्व करते हुए कहती हैं कि जब मैं छोटी थी तब से लेकर अब तक मां हम भाई, बहनों का विद्यालय जाने से लेकर सोने तक पूरा ख्याल रखती हैं। इसके बाद वह अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाती हैं। कोरोना संक्रमण के समय उनके लिए चुनौती बढ़ गई है। इसलिए उन पर हमें गर्व होता है।
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डॉ. प्रिया सुवन एक निजी अस्पताल में चिकित्सक हैं। कोरोना संक्रमण के दौर में वह मरीजों की सेवा में दिन-रात लगी रहती हैं। सात साल की बेटी अमायरा और पांच साल के बेटे अथर्व को घर पर छोड़कर उन्हें मरीजों का इलाज करने में लगा रहना पड़ता है। बेटी अमायरा कहती है कि मेरे मम्मी-पापा दोनों लोग डॉक्टर हैं। दोनों लोग अपनी-अपनी ड्यूटी में दिन-रात लगे रहते हैं। हम मम्मी से कभी दूर नहीं रहे, लेकिन कोरोना के कारण इन दिनों मम्मी हमें बताती हैं कि हमारा अलग-अलग रहना जरूरी है। तभी हम सभी सुरक्षित रह पाएंगे। लिहाजा हॉस्पिटल से आने के बाद मां वायरस संक्रमण से बचाव का पूरा ध्यान रखती हैं और हमें भी साफ-सफाई कराती हैं। हमें घर से बाहर नहीं जाने देतीं। बच्चों का इतना ख्याल कोई मां ही रख सकती है।
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