{"_id":"4b6c599b354201a8757bab3bd8795474","slug":"tazia-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताजिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताजिया
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Tue, 27 Oct 2015 01:32 AM IST
विज्ञापन
चकसुंदरपुर में शीशे की भारी भरकम
विज्ञापन
ताजिया आकर्षण का केंद्र बना है।
दसवीं मोहर्रम को कर्बला में ठंडा होने के बाद से देखने के लिए तांता लगा है। ताजियादारों, ताजिया कारीगरों के अलावा आम लोग भी ताजिया देखने पहुंच रहे हैं। मुंबई के मदनपुर स्थित मस्जिद रौजे (मॉडल) की भारी-भरकम ताजिया लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी है।
उस्ताद मोहर्रम अली समेत मकसूद आलम, मुश्ताक अली, सेराज अहमद, शब्बीर अली, कुरबान अली, इश्तियाक अहमद, ढाई फूट के चांद बाबू ने भी इस ताजिया को बनाने में हुनर पेश किया है।
इसकी ऊंचाई 30 फीट, लंबाई और चौड़ाई 15 फीट है। कुरबान अली ने बताया कि इसमें लागत खर्च लगभग 80 हजार आया है।
ताजिए में सात सौ शीशे लगे हैं, बताया कि ताजिया को एक सप्ताह तक देखने के लिए रखा जाएगा। इसके पूर्व में जामा मस्जिद दिल्ली, देवा शरीफ, काबा शरीफ समेत विभिन्न दरगाह, मस्जिद आदि का रौजा बनाया जा चुका है। बताया कि इलाहाबाद, भदोही, मिर्जापुर, जौनपुर से इसे देखने लोग पहुंच रहे हैं।
दसवीं मोहर्रम को कर्बला में ठंडा होने के बाद से देखने के लिए तांता लगा है। ताजियादारों, ताजिया कारीगरों के अलावा आम लोग भी ताजिया देखने पहुंच रहे हैं। मुंबई के मदनपुर स्थित मस्जिद रौजे (मॉडल) की भारी-भरकम ताजिया लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी है।
उस्ताद मोहर्रम अली समेत मकसूद आलम, मुश्ताक अली, सेराज अहमद, शब्बीर अली, कुरबान अली, इश्तियाक अहमद, ढाई फूट के चांद बाबू ने भी इस ताजिया को बनाने में हुनर पेश किया है।
इसकी ऊंचाई 30 फीट, लंबाई और चौड़ाई 15 फीट है। कुरबान अली ने बताया कि इसमें लागत खर्च लगभग 80 हजार आया है।
ताजिए में सात सौ शीशे लगे हैं, बताया कि ताजिया को एक सप्ताह तक देखने के लिए रखा जाएगा। इसके पूर्व में जामा मस्जिद दिल्ली, देवा शरीफ, काबा शरीफ समेत विभिन्न दरगाह, मस्जिद आदि का रौजा बनाया जा चुका है। बताया कि इलाहाबाद, भदोही, मिर्जापुर, जौनपुर से इसे देखने लोग पहुंच रहे हैं।