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छात्रसंघ अध्यक्ष पर एफआईआर का आदेश
bhadohi hindi news
Updated Thu, 02 Mar 2017 06:33 PM IST
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काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष किशन शुक्ला की कोर्ट के आदेश से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने छात्रसंघ अध्यक्ष के खिलाफ शैक्षिक अभिलेखों में जन्मतिथि में हेराफेरी कर प्रवेश लेने के आरोप में ज्ञानपुर कोतवाली पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश पारित किया है। कोर्ट ने यह आदेश छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष की याचिका पर पारित किया है। आदेश में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना करने का निर्देश है।
मालूम हो कि छात्रसंघ अध्यक्ष किशन के खिलाफ शैक्षिक अभिलेखों में हेराफेरी कर प्रवेश लेने और लिंगदोह की सिफारिशों को ताख पर रखकर चुनाव लड़ने का आरोप लगे थे। इसकी शिकायत कॉलेज, जिला और पुलिस प्रशासन से की गई। कार्रवाई न होने पर केएनपीजी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अमन शुक्ला ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि महाविद्यालय में किशन शुक्ला ने चार बार अलग-अलग जन्मतिथि दिखाकर विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश लिया। ऐसा इसलिए कि लिंगदोह समिति के सिफारिशों का उलंघन कर छात्रसंघ का चुनाव लड़ सके। किशन ने बीए प्रथम वर्ष में जन्मतिथि 11 दिसंबर 1991 दर्शाया, जबकि स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में 11 जून 1992 दिखाया। यहां तक कि यूपी बोर्ड के एक ही कक्षा के एक ही अनुक्रमांक से दो अलग-अलग विद्यालयों की अंकपत्र लगाई। प्रमाण पत्रों की प्रतियां वादी भी मौजूद है। आरोप लगाया कि ऐसा न करते तो किसी पात्र छात्र को प्रवेश मिलता। लेकिन, किशन ने कॉलेज प्रशासन को धोखे में रख फर्जी, कूटरचित प्रमाण पत्रों प्रवेश ले लिया। इसकी शिकायत कॉलेज, जिला एवं पुलिस प्रशासन से की गई। शिकायत पर कार्रवाई न होने पर अदालत की शरण ली। मामले की सुनवाई करते हुए एसीजेएम प्रवीण कुमार पांडेय की अदालत ने एसओ ज्ञानपुर को मुकदमा दर्जकर मामले की विवेचना करने का आदेश दिया है।
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मालूम हो कि छात्रसंघ अध्यक्ष किशन के खिलाफ शैक्षिक अभिलेखों में हेराफेरी कर प्रवेश लेने और लिंगदोह की सिफारिशों को ताख पर रखकर चुनाव लड़ने का आरोप लगे थे। इसकी शिकायत कॉलेज, जिला और पुलिस प्रशासन से की गई। कार्रवाई न होने पर केएनपीजी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अमन शुक्ला ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि महाविद्यालय में किशन शुक्ला ने चार बार अलग-अलग जन्मतिथि दिखाकर विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश लिया। ऐसा इसलिए कि लिंगदोह समिति के सिफारिशों का उलंघन कर छात्रसंघ का चुनाव लड़ सके। किशन ने बीए प्रथम वर्ष में जन्मतिथि 11 दिसंबर 1991 दर्शाया, जबकि स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में 11 जून 1992 दिखाया। यहां तक कि यूपी बोर्ड के एक ही कक्षा के एक ही अनुक्रमांक से दो अलग-अलग विद्यालयों की अंकपत्र लगाई। प्रमाण पत्रों की प्रतियां वादी भी मौजूद है। आरोप लगाया कि ऐसा न करते तो किसी पात्र छात्र को प्रवेश मिलता। लेकिन, किशन ने कॉलेज प्रशासन को धोखे में रख फर्जी, कूटरचित प्रमाण पत्रों प्रवेश ले लिया। इसकी शिकायत कॉलेज, जिला एवं पुलिस प्रशासन से की गई। शिकायत पर कार्रवाई न होने पर अदालत की शरण ली। मामले की सुनवाई करते हुए एसीजेएम प्रवीण कुमार पांडेय की अदालत ने एसओ ज्ञानपुर को मुकदमा दर्जकर मामले की विवेचना करने का आदेश दिया है।
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