भदोही। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय में नवाचार परिषद और राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से छात्रों के दल को भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। छात्रों ने संस्थान के वर्कशाॅप और विभिन्न प्रयोगशालाओं में जाकर कालीन बुनाई से लेकर धागा रंगाई, कार्पेट टेस्टिंग आदि से संबंधित अत्याधुनिक मशीनों एवं कालीन निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया व शोध गतिविधियों से रूबरू हुए। शैक्षणिक भ्रमण दल का नेतृत्व इनोवेशन एंबेसडर डॉ. रुस्तम अली, डॉ. आशीष जायसवाल व डॉ. अमित तिवारी ने किया। सुबह महाविद्यालय से दल को हरी झंडी दिखाकर प्राचार्या डॉ. माया यादव ने रवाना किया। उन्होंने कहा कि नवाचार उद्यमशीलता की जननी है। विद्यार्थियों में उद्यमशीलता और कॅरिअर उन्मुख दृष्टिकोण के विकास के लिए इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण आवश्यक होते हैं। संस्थान में निदेशक डॉ. राजीव कुमार वार्ष्णेय ने दल का स्वागत किया। विद्यार्थियों ने आईआईसीटी में ईको टेस्टिंग, केमिकल टेस्टिंग, फिजिकल टेस्टिंग, टेक्सटाइल, ड्राइंग एंड डिजाइन लैब का भ्रमण किया। इनक्यूबेशन सेंटर में उपलब्ध अत्याधुनिक मशीनें और उनकी कार्यप्रणाली भी जानी। संस्थान की ओर से डॉ. बीडी गुप्ता, बीसी रे आदि ने पारंपरिक कालीन निर्माण में वैज्ञानिक, तकनीक और आधुनिक शोध के माध्यम से वैश्विक बाजार के लिए कालीन तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। तकनीकी विशेषज्ञों ने फाइबर टेस्टिंग, यार्न क्वालिटी विश्लेषण, डिजिटल डिजाइनिंग एंड ड्राइंग, उत्पादन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी दी। डॉ. श्रवण कुमार गुप्ता ने भी छात्रों को जानकारी दी।