ज्ञानपुर। भदोही जिले को मिर्जापुर से जोड़ने वाले सहज-सुलभ गंगा के पीपा पुलों के टूटने के बाद दोनों जिलों की यात्रा करने वाले आम आदमी की मुश्किलें चहुंतरफा बढ़ गईं हैं। मनमाना किराए की वसूली और फिर नावों पर ओवरलोड सवारी से जोखिम में जान डालकर यात्री गंगा आर-पार करने को मजबूर हैं। लोक निर्माण विभाग ने नि:शुल्क स्टीमर चलवाने की घोषणा तो पीपा पुल तोड़ने के साथ ही कर दी थी, लेकिन पांच महीने बाद तक स्टीमर के लिए टेंडर ही नहीं हो पाया।
गंगा दशहरा पर रामपुर और धनतुलसी-डेंगुरपुर गंगा घाटों पर बने पीपा पुलों को तोड़कर लोक निर्माण विभाग ने नि:शुल्क स्टीमर की सुविधा देने की बात कहीं थी, लेकिन लाकडाउन के कारण टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण पांच महीने बाद भी टेंडर नहीं हो सका। इससे निजी नाविकों की खूब चांदी कटी। जर्जर नावों में डीजल इंजन लगाकर नाविकों ने ओवरलोड यात्रा करानी शुरू कर दी। इस दौरान किराए की भी मनमानी वसूली की जा रही है। जौनपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज जिलों के लोग भी इन पुलों के जरिए यात्रा करते हैं। नावों पर यात्री बाइक और साइकिल भी लादकर आर-पार करते हैं। बाढ़ से प्रभावित गंगा में हवा के साथ उठने वाली तेज लहरों से नावों को असंतुलित होने का खतरा हमेशा बना रहता है, लेकिन मुनाफे की लालच में नाविक इसे नजरअंदाज करते रहते हैं। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन हीरामणि वर्मा ने कहा कि नि:शुल्क स्टीमर चलाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया मंगलवार को ही संपन्न हुई है। दो दिन बाद दोनों घाटों पर स्टीमर का संचालन भी शुरू करा दिया जाएगा। जर्जर नावों पर ओवरलोडिंग यात्रा के मामले पर उन्होंने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी।