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वासंतिक नवरात्र आज, सज गए देवी मंदिर
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Sat, 21 Mar 2015 01:53 AM IST
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शनिवार को कलश स्थापना के साथ ही पूजा अर्चना शुरू हो जाएगी।
शनिवार से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र को लेकर जिले के प्रमुख देवी स्थल सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी, भिदिउरा स्थित घोपइला देवी मंदिर, काली देवी मंदिर, गोपीगंज, हरिहरनाथ स्थित गौरा देवी मंदिर, भदोही के कटरा बाजार में दुर्गा देवी मंदिर को शुक्रवार तक आकर्षक ढंग से सजा दिया।
21 मार्च शनिवार से शुरू हो रहा नवरात्र आगामी शनिवार 28 मार्च को समाप्त होगा।
चैत्र नवरात्र से ही सनातन धर्म के नए वर्ष की शुरुआत होती है, जिसे भारतीय नववर्ष भी कहते हैं। नवरात्र के पहले दिन को उल्लास के साथ मनाने के लिए विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच समेत कई संगठनों ने तैयारियां की हैं।
21 मार्च को सुबह 7.41 से 9.11 बजे तथा 11.26 से 1236 तक कलश स्थापना करना लाभकारी रहेगा। पौराणिक मान्यता है कि सूर्योदय के बाद प्रतिपदा में ही कलश स्थापना करनी चाहिए। नवरात्र को लेकर बाजारों में व्रती महिलाएं खरीदारी के लिए पहुंची।
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प्रमुख दुकानों पर चुनरी, नारियल समेत अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी की गई। आचार्य गणेश जी महराज ने बताया कि 21 मार्च से शुरू हो रहा नवरात्र आठ दिनों का है, क्योंकि इस बार तृतीया और चतुर्थी तिथि एक ही दिन पड़ रही है। शुभ मुहुर्त में कलश स्थापना से सभी कार्य सिद्ध होंगे।
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शनिवार से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र को लेकर जिले के प्रमुख देवी स्थल सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी, भिदिउरा स्थित घोपइला देवी मंदिर, काली देवी मंदिर, गोपीगंज, हरिहरनाथ स्थित गौरा देवी मंदिर, भदोही के कटरा बाजार में दुर्गा देवी मंदिर को शुक्रवार तक आकर्षक ढंग से सजा दिया।
21 मार्च शनिवार से शुरू हो रहा नवरात्र आगामी शनिवार 28 मार्च को समाप्त होगा।
चैत्र नवरात्र से ही सनातन धर्म के नए वर्ष की शुरुआत होती है, जिसे भारतीय नववर्ष भी कहते हैं। नवरात्र के पहले दिन को उल्लास के साथ मनाने के लिए विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच समेत कई संगठनों ने तैयारियां की हैं।
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21 मार्च को सुबह 7.41 से 9.11 बजे तथा 11.26 से 1236 तक कलश स्थापना करना लाभकारी रहेगा। पौराणिक मान्यता है कि सूर्योदय के बाद प्रतिपदा में ही कलश स्थापना करनी चाहिए। नवरात्र को लेकर बाजारों में व्रती महिलाएं खरीदारी के लिए पहुंची।
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प्रमुख दुकानों पर चुनरी, नारियल समेत अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी की गई। आचार्य गणेश जी महराज ने बताया कि 21 मार्च से शुरू हो रहा नवरात्र आठ दिनों का है, क्योंकि इस बार तृतीया और चतुर्थी तिथि एक ही दिन पड़ रही है। शुभ मुहुर्त में कलश स्थापना से सभी कार्य सिद्ध होंगे।