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Bhadohi News: विशेष सचिव ने अधिशासी अभियंता से मांगा स्पष्टीकरण
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ज्ञानपुर। आरईएस विभाग में दो जीएसटी नंबरों से हुए भुगतान को लेकर मामला शासन स्तर तक पहुंच गया है। अब विशेष सचिव बृजेश नारायण सिंह ने अधिशासी अभियंता अख्तर अली अंसारी को पूरे प्रकरण में उत्तरदायी मानते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
आरईएस विभाग के जीएसटी नंबर में ठेकेदारों को होने वाले भुगतान के दो फीसद जीएसटी जमा करने का प्राविधान है। पुराने जीएसटी नंबर पर जीएसटी डिपाजिट जमा न होने के कारण अधीक्षण अभियंता हरेंद्र सिंह सितंबर 2022 में समीक्षा बैठक बुलाई। उस दौरान विभाग के कर्मचारी दो खेमे में बंट गए। जिसके कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी। इसी दौरान ग्रामीण अभियंत्रण नया जीएसटी नंबर एलाट करा लिया। पुराने जीएसटी नंबर पर बकाया चले आ रहे जीएसटी डिपाजिट और नया जीएसटी नंबर लेने का विवाद इतना बढ़ गया कि अधिशासी अभियंता एक माह के मेडिकल छुट्टी पर चले गए। जनवरी 2023 के तीसरे सप्ताह तक जीएसटी के दूसरे नंबर से एक करोड़ का भुगतान कर दिया।
मामला तूल पकड़ा तो उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आडिट भी कराई गई। विशेष सचिव की ओर से भेजी गई नोटिस में कहा गया है कि एक जीएसटी नंबर होते हुए भी नियम विरुद्ध दूसरा जीएसटी नंबर क्यों जारी किया गया और उससे एक करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया। इसके अलावा नियम विरुद्ध प्रधान सहायक राम भाष्कर तिवारी को प्रखंडीय लेखाधिकारी का कार्य कराने का उत्तरदायी पाया गया है। आपको निर्देश दिया जाता है कि उत्तर प्रदेश सरकारी नियमावली के तहत 15 दिनों में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
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आरईएस विभाग के जीएसटी नंबर में ठेकेदारों को होने वाले भुगतान के दो फीसद जीएसटी जमा करने का प्राविधान है। पुराने जीएसटी नंबर पर जीएसटी डिपाजिट जमा न होने के कारण अधीक्षण अभियंता हरेंद्र सिंह सितंबर 2022 में समीक्षा बैठक बुलाई। उस दौरान विभाग के कर्मचारी दो खेमे में बंट गए। जिसके कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी। इसी दौरान ग्रामीण अभियंत्रण नया जीएसटी नंबर एलाट करा लिया। पुराने जीएसटी नंबर पर बकाया चले आ रहे जीएसटी डिपाजिट और नया जीएसटी नंबर लेने का विवाद इतना बढ़ गया कि अधिशासी अभियंता एक माह के मेडिकल छुट्टी पर चले गए। जनवरी 2023 के तीसरे सप्ताह तक जीएसटी के दूसरे नंबर से एक करोड़ का भुगतान कर दिया।
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मामला तूल पकड़ा तो उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आडिट भी कराई गई। विशेष सचिव की ओर से भेजी गई नोटिस में कहा गया है कि एक जीएसटी नंबर होते हुए भी नियम विरुद्ध दूसरा जीएसटी नंबर क्यों जारी किया गया और उससे एक करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया। इसके अलावा नियम विरुद्ध प्रधान सहायक राम भाष्कर तिवारी को प्रखंडीय लेखाधिकारी का कार्य कराने का उत्तरदायी पाया गया है। आपको निर्देश दिया जाता है कि उत्तर प्रदेश सरकारी नियमावली के तहत 15 दिनों में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
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