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स्कूल प्रबंधकों पर मेहरबान महकमा
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Wed, 09 Nov 2016 01:55 AM IST
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ज्ञानपुर। शिक्षा महकमे की मेहरबानी से अवैध स्कूलों का संचालन रुक नहीं रहा है। जिले में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के करीब 300 से अधिक विद्यालय बिना मान्यता के चल रहे हैं,। स्कूलों के अवैध संचालन से सर्व शिक्षा अभियान को झटका लग रहा है। स्थिति यह है कि तमाम प्रयास के बाद भी परिषदीय स्कूलों में छात्रसंख्या लगातार गिरती जा रही है।
जिले में 1113 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों और करीब पांच सौ मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। इसी तरह 165 माध्यमिक और इंटर कॉलेज हैं। इसके बाद भी जिले में 320 परिषदीय स्तर और माध्यमिक स्तर के बिना मान्यता के विद्यालय संचालित हैं। शिक्षा सत्र शुरू होने पर शासन की ओर से अवैध स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया गया था। पत्र आने के बाद शुरूआती दौर में विभागीय स्तर से सख्ती दिखायी गई लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। विभागीय कृपा से अवैध स्कूलों का संचालन धड़ल्ले से चल रहा है। सबसे मजे की बात है कि अभोली के पांच स्कूलों के खिलाफ डीआईओएस ने मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ब्लॉकों से खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों को बंद करने की आख्या बेसिक शिक्षा कार्यालय भेजी लेकिन अब भी विद्यालय संचालित हैं। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
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जिले में 1113 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों और करीब पांच सौ मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। इसी तरह 165 माध्यमिक और इंटर कॉलेज हैं। इसके बाद भी जिले में 320 परिषदीय स्तर और माध्यमिक स्तर के बिना मान्यता के विद्यालय संचालित हैं। शिक्षा सत्र शुरू होने पर शासन की ओर से अवैध स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया गया था। पत्र आने के बाद शुरूआती दौर में विभागीय स्तर से सख्ती दिखायी गई लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। विभागीय कृपा से अवैध स्कूलों का संचालन धड़ल्ले से चल रहा है। सबसे मजे की बात है कि अभोली के पांच स्कूलों के खिलाफ डीआईओएस ने मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ब्लॉकों से खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों को बंद करने की आख्या बेसिक शिक्षा कार्यालय भेजी लेकिन अब भी विद्यालय संचालित हैं। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
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