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Bhadohi News: सुरक्षा के लिए 3 करोड़ से लगेंगे संकेतक और बनेगी जेब्रा लाइन
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ज्ञानपुर। जिले में सड़क सुरक्षा को बेहतर करने के लिए लोक निर्माण विभाग तीन करोड़ खर्च करेगा। इससे मुख्य मार्गों पर संकेतक, जेब्रा लाइन समेत अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। जिससे वाहन चालकों को सहूलियत मिल सके। विभाग ने तीसरी बार इसके लिए प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद है कि इस साल पैसा जारी हो सकता है। जिले की 546 ग्राम पंचायतों और सात नगर निकायों में करीब 2500 किमी सड़कों का जाल फैला है। लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, जिला पंचायत, नगर पंचायत और मंडी समिति आदि एजेंसियां सड़कों की देखरेख करती हैं। इनमें सभी निर्माण कार्यों का नोडल लोक निर्माण विभाग होता है। हर साल सड़कों के नवीनीकरण, मरम्मत, गड्ढामुक्त अभियान में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं।
कुछ सड़कों पर संकेतक की व्यवस्था की जाती है, लेकिन कई प्रमुख मार्गाें पर संकेतक न लगने से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं। सड़क सुरक्षा की हर महीने होने वाली बैठकों में तमाम दावे तो होते हैं, लेकिन धरातल पर उसका पालन नहीं हो पाता। कौलापुर-सेमराध मार्ग, कलिंजरा-सुरियावां मार्ग पर मतेथू मुस्लिम बस्ती समेत कई स्थानों पर संकेतक की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसके पीछे मुख्य कारण 2023 के बाद से ही रोड सेफ्टी के लिए बजट न मिलना है। लोक निर्माण विभाग ने 2024 और 2025 में तीन करोड़ का प्रस्ताव भेजा, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली। एक बार फिर उसी प्रस्ताव का रिमाइंडर किया गया है।
विभाग का मानना है कि इस बार बजट स्वीकृत हो सकता है। अधिशासी अभियंता संदीप सरोज ने बताया कि मुख्य मार्गों पर संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, क्रास लाइन, जेब्रा लाइन आदि बनवाए गए हैं। ताकि वाहन चालकों व राहगीरों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो सके। कुछ मार्गों पर अभी तक नहीं हो सका है। जिसके लिए बजट की मांग की है।
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कुछ सड़कों पर संकेतक की व्यवस्था की जाती है, लेकिन कई प्रमुख मार्गाें पर संकेतक न लगने से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं। सड़क सुरक्षा की हर महीने होने वाली बैठकों में तमाम दावे तो होते हैं, लेकिन धरातल पर उसका पालन नहीं हो पाता। कौलापुर-सेमराध मार्ग, कलिंजरा-सुरियावां मार्ग पर मतेथू मुस्लिम बस्ती समेत कई स्थानों पर संकेतक की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसके पीछे मुख्य कारण 2023 के बाद से ही रोड सेफ्टी के लिए बजट न मिलना है। लोक निर्माण विभाग ने 2024 और 2025 में तीन करोड़ का प्रस्ताव भेजा, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली। एक बार फिर उसी प्रस्ताव का रिमाइंडर किया गया है।
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विभाग का मानना है कि इस बार बजट स्वीकृत हो सकता है। अधिशासी अभियंता संदीप सरोज ने बताया कि मुख्य मार्गों पर संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, क्रास लाइन, जेब्रा लाइन आदि बनवाए गए हैं। ताकि वाहन चालकों व राहगीरों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो सके। कुछ मार्गों पर अभी तक नहीं हो सका है। जिसके लिए बजट की मांग की है।
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