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तीन प्रधानाचार्य समेत 43 का वेतन रोका
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2016 01:18 AM IST
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जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने शुक्रवार को तीन वित्तपोषित इंटर कॉलेजों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शिक्षक और छात्र डायरी उपलब्ध न होने के साथ ही समुचित साफ-सफाई भी नहीं मिली। इस पर संजीदगी दिखाते हुए डीआईओएस ने तीनों विद्यालयों के प्रधानाचार्य समेत 43 शिक्षक और कर्मचारियों का वेतन पर अग्रिम आदेश तक के लिए रोक लगा दी। डीआईओएस के अचानक निरीक्षण से विद्यालय में खलबली मची रही।
माध्यमिक और इंटर कॉलेजों में फीस की अधिक वसूली से लेकर अन्य शिकायतों का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को डीआईओएस संतोष कुमार मिश्र ने डॉ. लोहिया इंटर कॉलेज सागरपुर बवईं, महाबीर इंटर कॉलेज बिछियां और राम तवंकल इंटर कॉलेज रोही का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा निदेशालय और माध्यमिक शिक्षा परिषद के दिशा-निर्देशों के तहत विद्यालय में पठन-पाठन नहीं मिला।
शिक्षक डायरी और छात्र डायरी भी विद्यालयों में उपलब्ध नहीं थी। कक्षों के अंदर और बाहर गंदगी मिलने पर डीआईओएस ने नाराजगी जताई। लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए डीआईओएस ने तीनों विद्यालयों के प्रधानाचार्य, 25 शिक्षक और 15 कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए रोक दिया। अचानक हुए निरीक्षण से विद्यालयों में खलबली मच गई। बताते चलें कि परिषदीय स्कूलों की तरह इंटर कॉलेजों में भी खामियों की कमी नहीं है। प्रबंधतंत्र की मनमानी से विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित होता है। जांच न होने के कारण मामले सामने नहीं आते।
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माध्यमिक और इंटर कॉलेजों में फीस की अधिक वसूली से लेकर अन्य शिकायतों का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को डीआईओएस संतोष कुमार मिश्र ने डॉ. लोहिया इंटर कॉलेज सागरपुर बवईं, महाबीर इंटर कॉलेज बिछियां और राम तवंकल इंटर कॉलेज रोही का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा निदेशालय और माध्यमिक शिक्षा परिषद के दिशा-निर्देशों के तहत विद्यालय में पठन-पाठन नहीं मिला।
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शिक्षक डायरी और छात्र डायरी भी विद्यालयों में उपलब्ध नहीं थी। कक्षों के अंदर और बाहर गंदगी मिलने पर डीआईओएस ने नाराजगी जताई। लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए डीआईओएस ने तीनों विद्यालयों के प्रधानाचार्य, 25 शिक्षक और 15 कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए रोक दिया। अचानक हुए निरीक्षण से विद्यालयों में खलबली मच गई। बताते चलें कि परिषदीय स्कूलों की तरह इंटर कॉलेजों में भी खामियों की कमी नहीं है। प्रबंधतंत्र की मनमानी से विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित होता है। जांच न होने के कारण मामले सामने नहीं आते।
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