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जंग खा रहे पैदल पुल के उपकरण
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ज्ञानपुर/ऊंज। पूर्वोत्तर रेलवे के जंगीगंज स्टेशन और सरायजगदीश हाल्ट पर लगभग दो वर्ष से पैदल पुल के उपकरण जंग खा रहे हैं। दोनों जगह निर्माणाधीन प्लेटफार्म नंबर दो तक पहुंचने के लिए मुख्य लाइन के बीच खाली पड़ी जमीन पर कंटीले तारों की बैरिकेडिंग से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को रामबाग-प्रयागराज से मऊ जंक्शन जाने वाली पैसेंजर गाड़ी को पकड़ने आए यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कछवां, हरदत्तपुर, अहिमनपुर, माधोसिंह की यात्रा करने वाली मधु सिंह, कविता, निर्मला, राजू, कमलेश, छविनाथ आदि ने रेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि रूट को विकसित करने के लिए लगभग आठ सौ करोड़ रुपये की परियोजना शुरू कराई गई है। प्रथम चरण में विद्युतीकरण, दूसरे चरण में कटका तक लंबे प्लेटफार्म, सुंदरीकरण पैदल पुल आदि कार्य हुए। तीसरे चरण में जब माधोसिंह-हंडिया सेक्शन का नंबर आया तो अधिकारियों ने बजट का अभाव बताकर जंगीगंज स्टेशन पर न पैदल पुल तैयार कराया और न ही हाल्ट पर। ऐसे में सेक्शन में दोहरीकरण कार्य भी अधर में लटक जाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। हाल्ट और स्टेशन के नजदीक रहने वाले परिवार, पैसेंजर गाड़ी से यात्रा करने वाले बैरिकेडिंग के कारण न इस पार आ सकेंगे और न ही उस पार जा सकेंगे। सौ मीटर की दूरी एक किलोमीटर तक की दूरी तय करने पर यात्री पूर्वी-पश्चिमी छोर तक पहुंचेंगे। स्टेशन के उत्तरी-दक्षिणी छोर पर पैदल पुल के लिए बने पिलर पर लगे उपकरण जंग खा रहे हैं। गत वर्ष के लाकडाउन में अहिमनपुर और जंगीगंज स्टेशन को हाल्ट का रूप देकर मिलने वाली सुविधाओं में कटौती कर दी गई। इसके कारण न यात्रियों को बैठने की व्यवस्था है और न ही पेयजल की।
इस संबंध में पीआरओ वाराणसी मंडल अशोक कुमार का कहना है कि बैरिकेडिंग अस्थाई है। जिसे बाद में हटा लिया जाएगा। पैदल पुल के बिना ट्रैक पार करना खतरे से खाली नहीं है। अधूरे पड़े पैदल पुल का निर्माण हर हाल में कराया जाएगा।
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कछवां, हरदत्तपुर, अहिमनपुर, माधोसिंह की यात्रा करने वाली मधु सिंह, कविता, निर्मला, राजू, कमलेश, छविनाथ आदि ने रेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि रूट को विकसित करने के लिए लगभग आठ सौ करोड़ रुपये की परियोजना शुरू कराई गई है। प्रथम चरण में विद्युतीकरण, दूसरे चरण में कटका तक लंबे प्लेटफार्म, सुंदरीकरण पैदल पुल आदि कार्य हुए। तीसरे चरण में जब माधोसिंह-हंडिया सेक्शन का नंबर आया तो अधिकारियों ने बजट का अभाव बताकर जंगीगंज स्टेशन पर न पैदल पुल तैयार कराया और न ही हाल्ट पर। ऐसे में सेक्शन में दोहरीकरण कार्य भी अधर में लटक जाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। हाल्ट और स्टेशन के नजदीक रहने वाले परिवार, पैसेंजर गाड़ी से यात्रा करने वाले बैरिकेडिंग के कारण न इस पार आ सकेंगे और न ही उस पार जा सकेंगे। सौ मीटर की दूरी एक किलोमीटर तक की दूरी तय करने पर यात्री पूर्वी-पश्चिमी छोर तक पहुंचेंगे। स्टेशन के उत्तरी-दक्षिणी छोर पर पैदल पुल के लिए बने पिलर पर लगे उपकरण जंग खा रहे हैं। गत वर्ष के लाकडाउन में अहिमनपुर और जंगीगंज स्टेशन को हाल्ट का रूप देकर मिलने वाली सुविधाओं में कटौती कर दी गई। इसके कारण न यात्रियों को बैठने की व्यवस्था है और न ही पेयजल की।
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इस संबंध में पीआरओ वाराणसी मंडल अशोक कुमार का कहना है कि बैरिकेडिंग अस्थाई है। जिसे बाद में हटा लिया जाएगा। पैदल पुल के बिना ट्रैक पार करना खतरे से खाली नहीं है। अधूरे पड़े पैदल पुल का निर्माण हर हाल में कराया जाएगा।
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