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Bhadohi News: बिना एनओसी के चल रहे आरओ प्लांट, सेमी क्रिटिकल जोन में हैं सभी ब्लॉक
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संवाद न्यूज एजेंसी ज्ञानपुर। जिले में आरओ वाटर प्लांट संचालकों द्वारा धड़ल्ले से भू-गर्भ जल का दोहन किया जा रहा है। जनपद में 103 आरओ वाटर प्लांट लगे हैं। किसी भी संचालक ने भूगर्भ विभाग से एनओसी नहीं ली है। भूगर्भ जल के दोहन के कारण जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। जिले के सभी ब्लॉक सेमी क्रिटिकल जोन में शामिल हैं। स्टेट ऑफ ग्राउंड वाटर स्ट्रैक्शन के अनुसार भूगर्भ जल 70 से 90 फीसदी के बीच है, जो सेमी क्रिटिकल जोन में शामिल है। भदोही ब्लॉक का पसईकला गांव जिले का सबसे गंभीर गांव है। जहां 21.38 मीटर वाटर लेवल है।
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इस तरह मिलती है एनओसी
एनओसी प्राप्त करने के लिए प्लांट संचालक को भूगर्भ विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होता है। इसके बाद आवेदन के अभिलेखों की विभागीय जांच होती है। टीम भौतिक सत्यापन करके प्लांट के आसपास के वाटर लेवल का मापन करती है। सब कुछ मानक अनुसार होने पर अगले पांच सालों के लिए उन्हें निर्धारित शुल्क जमाकर एनओसी दी जाती है।
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किसी ब्लॉक में कितना नीचे गया पानी
भदोही 1.22 मीटर
औराई 1.42 मीटर
डीघ 1.62 मीटर
ज्ञानपुर 1.18 मीटर
सुरियावां 1.95 मीटर
अभोली 1.77 मीटर
क्या है वाटर लेवल का मानक
स्टेट आफ ग्राउंड वाटर स्ट्रैक्शन के अनुसार अगर कहीं 70 से 90 फीसदी के बीच वाटर लेवल है तो वह सेमी क्रिटिकल जोन है। इसी तरह 90 से 100 फीसदी के बीच है तो वह क्रिटिकल जोन और 100 फीसदी से अधिक है तो वह डेंजर जोन में है। अगर इसी तहर लगातार भूगर्भ जल का दोहन होता रहा तो आने वाले दिनों में स्थितियां और बिगड़ सकती हैं।
जिले में किसी भी आरओ वाटर प्लांट संचालक ने एनओसी नहीं ली है। उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है। अगर वे 15 दिनों में एनओसी की प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं तो कार्रवाई होगी।
-स्वप्निल राय, नोडल, भूगर्भ जल।
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इस तरह मिलती है एनओसी
एनओसी प्राप्त करने के लिए प्लांट संचालक को भूगर्भ विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होता है। इसके बाद आवेदन के अभिलेखों की विभागीय जांच होती है। टीम भौतिक सत्यापन करके प्लांट के आसपास के वाटर लेवल का मापन करती है। सब कुछ मानक अनुसार होने पर अगले पांच सालों के लिए उन्हें निर्धारित शुल्क जमाकर एनओसी दी जाती है।
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किसी ब्लॉक में कितना नीचे गया पानी
भदोही 1.22 मीटर
औराई 1.42 मीटर
डीघ 1.62 मीटर
ज्ञानपुर 1.18 मीटर
सुरियावां 1.95 मीटर
अभोली 1.77 मीटर
क्या है वाटर लेवल का मानक
स्टेट आफ ग्राउंड वाटर स्ट्रैक्शन के अनुसार अगर कहीं 70 से 90 फीसदी के बीच वाटर लेवल है तो वह सेमी क्रिटिकल जोन है। इसी तरह 90 से 100 फीसदी के बीच है तो वह क्रिटिकल जोन और 100 फीसदी से अधिक है तो वह डेंजर जोन में है। अगर इसी तहर लगातार भूगर्भ जल का दोहन होता रहा तो आने वाले दिनों में स्थितियां और बिगड़ सकती हैं।
जिले में किसी भी आरओ वाटर प्लांट संचालक ने एनओसी नहीं ली है। उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है। अगर वे 15 दिनों में एनओसी की प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं तो कार्रवाई होगी।
-स्वप्निल राय, नोडल, भूगर्भ जल।