{"_id":"6ac7f6917a16fb183c05ebae","slug":"rate-for-installing-hoardings-fixed-no-rate-set-for-paying-tax-bhadohi-news-c-191-1-gyn1003-149750-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: होर्डिंग लगवाने का रेट तय, टैक्स देने का कोई रेट नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: होर्डिंग लगवाने का रेट तय, टैक्स देने का कोई रेट नहीं
विज्ञापन
चौरी रोड पर लगा बैनर पोस्टर। संवाद
ज्ञानपुर। जिले में अवैध होर्डिंग का पूरा मकड़जाल मनमाने तरीके से संचालित हो रहा है। होर्डिंग-बैनर लगाने वाले व्यापारी और प्राइवेट ठेकेदार होर्डिंग-बैनर लगाने के नाम पर हजारों रुपये लेते हैं, लेकिन टैक्स के रूप में एक रुपया भी नगर पालिका में जमा नहीं करते। हमारी टीम ने बृहस्पतिवार को पड़ताल की तो पता चला कि इसमें प्राइवेट ठेकेदार साइज के हिसाब से 3000 से लेकर 5000 रुपये तक में होर्डिंग-बैनर लगाते हैं। पालिका की ओर से कोई गाइडलाइन न होने से वे इसका फायदा उठाते हैं। कई-कई महीनों तक बाजार में होर्डिंग लगे रहते हैं। जिले की भदोही और गोपीगंज नगर पालिकाओं तथा सुरियावां, ज्ञानपुर, नईबाजार, घोसिया और खमरिया जैसी निकायों में खूब होर्डिंग-बैनर लगाए जाते हैं। खासकर गोपीगंज और भदोही में प्राइवेट कंपनियों, स्कूलों के साथ-साथ राजनीतिक पार्टियों के बैनर लगे रहते हैं।
गोपीगंज नगर पालिका ने इसके लिए नियम लगाए हैं और नगर में कुल आठ स्थान चिह्नित किए हैं, लेकिन वर्तमान में यहां केवल एक व्यक्ति ने अनुमति ली है। वहीं छह लोग ऐसे हैं, जिनके बैनर समय सीमा समाप्त होने के बाद भी लगे हैं और उन्होंने अपना रिन्यूअल नहीं कराया है।
दूसरी तरफ भदोही नगर पालिका में सड़क किनारे, तिराहे-चौराहे के अलावा कई बहुमंजिला इमारतों की छतों पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगे हैं। पूरे नगर में सात से आठ प्राइवेट ठेकेदार सक्रिय हैं। अब तक पालिका प्रशासन की ओर से कोई गाइडलाइन और टैक्स की व्यवस्था नहीं रखी गई है। ठेकेदारों ने अलग-अलग बैनर के रेट तय किए गए हैं। अनुमति की बात करने पर उनका कहना है कि पालिका प्रशासन से वे बात कर लेंगे। राजनीतिक दलों और प्राइवेट कंपनियों से मोटी धनराशि लेने के बाद भी इसका एक भी रुपया नगर पालिका के खाते में नहीं जाता है, जबकि इसका फायदा प्राइवेट ठेकेदार और जिनके मकानों पर बोर्ड लगा है, वे लोग लेते हैं।
विज्ञापन
हर माह पालिका को 50 से 60 हजार का नुकसान
भदोही नगर पालिका जिले का मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र है। यहां कम से कम 20 बाई 30 के चार से पांच, 20 बाई 20 के चार से पांच और 10 बाई 20 फीट के चार से पांच बोर्ड लगे हुए हैं। अगर पांच बोर्ड के रेशियो से देखा जाए तो अनुमानित केवल बड़े बोर्डों पर ही पालिका को हर माह 55 से 60 हजार रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
पालिका की कैसी रही तस्वीर
हमारी टीम ने बृहस्पतिवार को नगर की हकीकत को देखा। चौरी रोड पर ज्वेलरी से जुड़ी, इंद्रामिल के पास एक परिधान कंपनी की, इंद्रामिल चौराहे के बिजली के खंभों पर राजनीतिक, शिक्षण संस्थान और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के होर्डिंग व बैनर लगे दिखे। इसके अलावा नेशनल तिराहा, रजपुरा चौराहा, फूलदेवी तिराहा, स्टेशन रोड से लेकर हर गली और मोहल्लों में छोटे-बड़े होर्डिंग व बैनर लगे हुए हैं। यही हाल जिले की अन्य निकायों का भी है।
भदोही में होर्डिंग लगवाने का रेट
10 बाई 20 फीट - 3000 रुपये महीना
20 बाई 30 फीट - 5000 रुपये महीना
20 बाई 20 फीट - 4500 रुपये महीना
नोट : यह लगवाने का खर्च है। बोर्ड आदि का खर्च अलग से देना होता है। वहीं छोटे-छोटे बैनर व होर्डिंग का भी अलग-अलग रेट तय किया गया है।
नगर पालिका में बोर्ड के शुल्क निर्धारण को लेकर तेजी से प्रक्रिया चल रही है। अब कोई भी प्राइवेट ठेकेदार इस तरह से नहीं कर पाएगा। साइज के हिसाब से महीने का रेट निर्धारित किया जा रहा है। उसी के अनुसार ही लोगों को शुल्क देना होगा। - दयाशंकर वर्मा, ईओ, भदोही
विज्ञापन
गोपीगंज नगर पालिका ने इसके लिए नियम लगाए हैं और नगर में कुल आठ स्थान चिह्नित किए हैं, लेकिन वर्तमान में यहां केवल एक व्यक्ति ने अनुमति ली है। वहीं छह लोग ऐसे हैं, जिनके बैनर समय सीमा समाप्त होने के बाद भी लगे हैं और उन्होंने अपना रिन्यूअल नहीं कराया है।
विज्ञापन
दूसरी तरफ भदोही नगर पालिका में सड़क किनारे, तिराहे-चौराहे के अलावा कई बहुमंजिला इमारतों की छतों पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगे हैं। पूरे नगर में सात से आठ प्राइवेट ठेकेदार सक्रिय हैं। अब तक पालिका प्रशासन की ओर से कोई गाइडलाइन और टैक्स की व्यवस्था नहीं रखी गई है। ठेकेदारों ने अलग-अलग बैनर के रेट तय किए गए हैं। अनुमति की बात करने पर उनका कहना है कि पालिका प्रशासन से वे बात कर लेंगे। राजनीतिक दलों और प्राइवेट कंपनियों से मोटी धनराशि लेने के बाद भी इसका एक भी रुपया नगर पालिका के खाते में नहीं जाता है, जबकि इसका फायदा प्राइवेट ठेकेदार और जिनके मकानों पर बोर्ड लगा है, वे लोग लेते हैं।
विज्ञापन
हर माह पालिका को 50 से 60 हजार का नुकसान
भदोही नगर पालिका जिले का मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र है। यहां कम से कम 20 बाई 30 के चार से पांच, 20 बाई 20 के चार से पांच और 10 बाई 20 फीट के चार से पांच बोर्ड लगे हुए हैं। अगर पांच बोर्ड के रेशियो से देखा जाए तो अनुमानित केवल बड़े बोर्डों पर ही पालिका को हर माह 55 से 60 हजार रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
पालिका की कैसी रही तस्वीर
हमारी टीम ने बृहस्पतिवार को नगर की हकीकत को देखा। चौरी रोड पर ज्वेलरी से जुड़ी, इंद्रामिल के पास एक परिधान कंपनी की, इंद्रामिल चौराहे के बिजली के खंभों पर राजनीतिक, शिक्षण संस्थान और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के होर्डिंग व बैनर लगे दिखे। इसके अलावा नेशनल तिराहा, रजपुरा चौराहा, फूलदेवी तिराहा, स्टेशन रोड से लेकर हर गली और मोहल्लों में छोटे-बड़े होर्डिंग व बैनर लगे हुए हैं। यही हाल जिले की अन्य निकायों का भी है।
भदोही में होर्डिंग लगवाने का रेट
10 बाई 20 फीट - 3000 रुपये महीना
20 बाई 30 फीट - 5000 रुपये महीना
20 बाई 20 फीट - 4500 रुपये महीना
नोट : यह लगवाने का खर्च है। बोर्ड आदि का खर्च अलग से देना होता है। वहीं छोटे-छोटे बैनर व होर्डिंग का भी अलग-अलग रेट तय किया गया है।
नगर पालिका में बोर्ड के शुल्क निर्धारण को लेकर तेजी से प्रक्रिया चल रही है। अब कोई भी प्राइवेट ठेकेदार इस तरह से नहीं कर पाएगा। साइज के हिसाब से महीने का रेट निर्धारित किया जा रहा है। उसी के अनुसार ही लोगों को शुल्क देना होगा। - दयाशंकर वर्मा, ईओ, भदोही