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बारिश ने मचाई भारी तबाही, फसलें नुकसान, बिजली-टेलीफोन ध्वस्त
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ज्ञानपुर। कालीन नगरी में बृहस्पतिवार को देर शाम शुरू हुई बारिश पूरी रात होती रही। उसका असर शुक्रवार को सामान्य जनजीवन पर पड़ा। खेत-खलिहान में छोड़ी गई फसल जहां चौपट हो गई, वहीं बिजली और टेलीफोन व्यवस्था भी पूरी तरह बेपटरी हो गई। कई नगरीय इलाकों और दर्जनों गांवों में पूरे दिन बिजली गुल रही। इससे लोग बेहाल हो गए। ब्रॉडबैंड और मोबाइल सेवा भी बेपटरी रही।
बृहस्पतिवार को दिनभर बादलों की घेरेबंदी के बाद रात करीब आठ बजे इंद्रदेव मेहरबान हो गए। बढ़ती ठंड के सीजन में सरसराती हवाओं के साथ गरज-चीक के बीच रातभर रिमझिम बरसात हुई। इससे जगह-जगह जलभराव हो गया और कच्ची सड़कें कीचड़ से सन गईं। उन पर लोगों का आना-जाना कठिन हो गया। काटकर खेत-खलिहानों में छोड़ी गई धान की फसल भींगकर लथपथ हो गई। अब उन्हें सुखाने में दो-चार दिन का समय लगेगा। शुक्रवार को सुबह हुई तो आसमान काले बादलों से ढंका था। सुबह साढ़े सात बजे के आसपास फिर बारिश शुरू हो गई। इससे सबसे ज्यादा परेशानी सुबह स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को हुई। रिमझिम बारिश का यह सिलसिला पूरे दिन चला। 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ रिमझिम बारिश ने सिहरन बढ़ा दी। इससे जगह-जगह लोग अलाव जलाकर तापते नजर आए। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री दर्ज किया गया। बारिश का असर स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर पड़ा और परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति घट गई। बारिश के कारण बिजली आपूर्ति और टेलीफोन लाइनें भी प्रभावित रहीं। गांवों में घंटों बिजली गुल रही।
सरसों और अरहर खतरे में
ज्ञानपुर। यह बारिश सरसों और अरहर की खेती के लिए नुकसानदेय मानी जा रही है। हालांकि गेहूं की खेती के लिए फायदेमंद ही है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके चतुर्वेदी ने बताया कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए ठीक है। लेकिन, सरसों और अरहर के फूल गिर जाएंगे। इससे नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम खुलने पर मैंकोजेब का दो ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव कर देना चाहिए। आलू के लिए ऐसा मौसम फायदेमंद होता है। हल्की बारिश से पाला मारने की गुंजाइश कम होती है। धूप निकलने पर किसानों को आलू की फसल पर कैथेनम-45 का छिड़काव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे में ओले पड़ने की भी आशंका रहती है। अगर ऐसा हुआ तो नुकसान ज्यादा हो सकता है।
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400 गांवों में बिजली आपूर्ति चरमराई
अमर उजाला ब्यूरो
ज्ञानपुर। बारिश के कारण शुक्रवार को जिले के ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई। वहिदा, बरदहवां और करियांव आदि उपकेंद्रों से जुड़े चार सौ से अधिक गांवों में 10 से बिजली गुल रही। इससे हजारों की आबादी घु अंधेरे में रहने को विवश रही। और
वहिदा उपकेंद्र के कटरा, सीतामढ़ी, सेमराध, रमईपुर, अकोढ़ा आदि फीडरों से जुड़े तीन सौ से अधिक गांवों में बृहस्पतिवार को रात 10 बजे से बिजली आपूर्ति ठप रही। शुक्रवार को देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। दरवांसी, गोधना, ऊंज, कोरमइचा, मैलोना, चंदापुर, रामकिशुनपुर बसहीं, सुधवैं समेत कोनिया क्षेत्र के तमाम गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
पाली संवाददाता के मुताबिक बारिश के कारण बरदहवां फीडर से संचालित दोनों फीडर रात भर बंद रहे। इससे भोरी, महजूदा, बलापुर, घोरहा, पकरी कला, पकरी खुर्द, वारी, डंगहर, भिखारीरामपुर समेत दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे रहे। आरोप है कि पावर हाउस के कर्मचारी शाम होते ही गायब हो जाते हैं। इससे लोगों को परेशानी होती है। मोढ़ संवाददाता के मुताबिक करियांव फीडर के लालीपुर फीडर की आपूर्ति बृहस्पतिवार शाम से ही ठप रही। बताया गया कि बिजली के तार पर बांस गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई। लोग अंधेरे में रहने को मजबूर रहे। इस संबंध में एक्सईएन बिजली मनोज कुमार ने कहा कि वहिदा क्षेत्र में केबल ब्रर्स्ट होने के कारण समस्या आई है। जल्द ही फॉल्ट दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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बृहस्पतिवार को दिनभर बादलों की घेरेबंदी के बाद रात करीब आठ बजे इंद्रदेव मेहरबान हो गए। बढ़ती ठंड के सीजन में सरसराती हवाओं के साथ गरज-चीक के बीच रातभर रिमझिम बरसात हुई। इससे जगह-जगह जलभराव हो गया और कच्ची सड़कें कीचड़ से सन गईं। उन पर लोगों का आना-जाना कठिन हो गया। काटकर खेत-खलिहानों में छोड़ी गई धान की फसल भींगकर लथपथ हो गई। अब उन्हें सुखाने में दो-चार दिन का समय लगेगा। शुक्रवार को सुबह हुई तो आसमान काले बादलों से ढंका था। सुबह साढ़े सात बजे के आसपास फिर बारिश शुरू हो गई। इससे सबसे ज्यादा परेशानी सुबह स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को हुई। रिमझिम बारिश का यह सिलसिला पूरे दिन चला। 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ रिमझिम बारिश ने सिहरन बढ़ा दी। इससे जगह-जगह लोग अलाव जलाकर तापते नजर आए। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री दर्ज किया गया। बारिश का असर स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर पड़ा और परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति घट गई। बारिश के कारण बिजली आपूर्ति और टेलीफोन लाइनें भी प्रभावित रहीं। गांवों में घंटों बिजली गुल रही।
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सरसों और अरहर खतरे में
ज्ञानपुर। यह बारिश सरसों और अरहर की खेती के लिए नुकसानदेय मानी जा रही है। हालांकि गेहूं की खेती के लिए फायदेमंद ही है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके चतुर्वेदी ने बताया कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए ठीक है। लेकिन, सरसों और अरहर के फूल गिर जाएंगे। इससे नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम खुलने पर मैंकोजेब का दो ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव कर देना चाहिए। आलू के लिए ऐसा मौसम फायदेमंद होता है। हल्की बारिश से पाला मारने की गुंजाइश कम होती है। धूप निकलने पर किसानों को आलू की फसल पर कैथेनम-45 का छिड़काव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे में ओले पड़ने की भी आशंका रहती है। अगर ऐसा हुआ तो नुकसान ज्यादा हो सकता है।
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400 गांवों में बिजली आपूर्ति चरमराई
अमर उजाला ब्यूरो
ज्ञानपुर। बारिश के कारण शुक्रवार को जिले के ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई। वहिदा, बरदहवां और करियांव आदि उपकेंद्रों से जुड़े चार सौ से अधिक गांवों में 10 से बिजली गुल रही। इससे हजारों की आबादी घु अंधेरे में रहने को विवश रही। और
वहिदा उपकेंद्र के कटरा, सीतामढ़ी, सेमराध, रमईपुर, अकोढ़ा आदि फीडरों से जुड़े तीन सौ से अधिक गांवों में बृहस्पतिवार को रात 10 बजे से बिजली आपूर्ति ठप रही। शुक्रवार को देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। दरवांसी, गोधना, ऊंज, कोरमइचा, मैलोना, चंदापुर, रामकिशुनपुर बसहीं, सुधवैं समेत कोनिया क्षेत्र के तमाम गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
पाली संवाददाता के मुताबिक बारिश के कारण बरदहवां फीडर से संचालित दोनों फीडर रात भर बंद रहे। इससे भोरी, महजूदा, बलापुर, घोरहा, पकरी कला, पकरी खुर्द, वारी, डंगहर, भिखारीरामपुर समेत दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे रहे। आरोप है कि पावर हाउस के कर्मचारी शाम होते ही गायब हो जाते हैं। इससे लोगों को परेशानी होती है। मोढ़ संवाददाता के मुताबिक करियांव फीडर के लालीपुर फीडर की आपूर्ति बृहस्पतिवार शाम से ही ठप रही। बताया गया कि बिजली के तार पर बांस गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई। लोग अंधेरे में रहने को मजबूर रहे। इस संबंध में एक्सईएन बिजली मनोज कुमार ने कहा कि वहिदा क्षेत्र में केबल ब्रर्स्ट होने के कारण समस्या आई है। जल्द ही फॉल्ट दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।