{"_id":"685d97a9b934afe5960dba0a","slug":"pujari-murder-case-solved-after-8-months-and-25-days-murder-was-done-for-theft-bhadohi-news-c-191-1-gyn1003-127962-2025-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: आठ महीने 25 दिन बाद पुजारी हत्याकांड का खुलासा, चोरी के लिए की थी हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: आठ महीने 25 दिन बाद पुजारी हत्याकांड का खुलासा, चोरी के लिए की थी हत्या
विज्ञापन
क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और कोतवाली की संयुक्त टीम ने आठ महीने 25 दिन बाद पुजारी हत्याकांड का खुलासा किया। पुजारी की हत्या मंदिर का घंटा चोरी करते हुए नींद से जागने पर हुई थी। हत्यारों ने उन्हें लोहे काटने वाली आरी और नुकीला सामान गले में घोंपकर मौत के घाट उतार दिया था।
सुरियावां कोतवाली के बावन बीघा तालाब के पास प्राचीन हनुमान मंदिर पर पुजारी सीताराम (75) 25 वर्षाें से पूजा-पाठ करते थे। पिछले साल 30 सितंबर को मंदिर के पास ही उनके कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी लाश मिली थी। पुलिस की जांच में पता चला कि पुजारी के गले पर वार कर हत्या की गई है। घटना के बाद से ही पुलिस ने फाॅरेसिक साक्ष्य संकलन के अलावा सर्विलांस की मदद से हत्यारों को ढूंढने में जुटी थी।
पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ भी की और आखिरकार हत्या के आठ महीने 25 दिन बाद सफलता हाथ लगी। सर्विलांस और क्राइम ब्रांच से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सुरियावां रेलवे स्टेशन के पास से बावन बीघा निवासी अच्छे गौतम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की आरी, चोरी के नौ घंटे बरामद किए। आरोपियों ने हत्या के बाद चोरी के घंटे और अन्य सामानों को पास के ही खेत में गड्ढ़ा खोदकर छिपा दिया था।
विज्ञापन
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वे और उसके साथी कलंदर गौतम 30 सितंबर की रात साथ में गांजा पीकर नशे की हालत में मंदिर पर लगे पीतल के घंटे को निकाल रहे थे।
इस बीच पुजारी की नींद खुल गई। वे हम लोगों को जानते थे। पोल खुलने के डर से उन्हें कमरे में ले जाकर पहले गला दबाया। उसके बाद लोहे काटने वाली मशीन से उनके गले में घोंपकर हत्या कर दी।
विज्ञापन
सुरियावां कोतवाली के बावन बीघा तालाब के पास प्राचीन हनुमान मंदिर पर पुजारी सीताराम (75) 25 वर्षाें से पूजा-पाठ करते थे। पिछले साल 30 सितंबर को मंदिर के पास ही उनके कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी लाश मिली थी। पुलिस की जांच में पता चला कि पुजारी के गले पर वार कर हत्या की गई है। घटना के बाद से ही पुलिस ने फाॅरेसिक साक्ष्य संकलन के अलावा सर्विलांस की मदद से हत्यारों को ढूंढने में जुटी थी।
विज्ञापन
पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ भी की और आखिरकार हत्या के आठ महीने 25 दिन बाद सफलता हाथ लगी। सर्विलांस और क्राइम ब्रांच से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सुरियावां रेलवे स्टेशन के पास से बावन बीघा निवासी अच्छे गौतम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की आरी, चोरी के नौ घंटे बरामद किए। आरोपियों ने हत्या के बाद चोरी के घंटे और अन्य सामानों को पास के ही खेत में गड्ढ़ा खोदकर छिपा दिया था।
विज्ञापन
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वे और उसके साथी कलंदर गौतम 30 सितंबर की रात साथ में गांजा पीकर नशे की हालत में मंदिर पर लगे पीतल के घंटे को निकाल रहे थे।
इस बीच पुजारी की नींद खुल गई। वे हम लोगों को जानते थे। पोल खुलने के डर से उन्हें कमरे में ले जाकर पहले गला दबाया। उसके बाद लोहे काटने वाली मशीन से उनके गले में घोंपकर हत्या कर दी।