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Bhadohi News: पंडालों में दो गेट और आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम करें पूजा समितियां
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बाबूसराय में बनाया जा रहा पुजा पंडाल। संवाद
शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू होगा। जिले में शारदीय नवरात्र को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। त्योहार में किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न न हो। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर भी खूब तैयारियां की जा रही हैं।
प्रशासन की ओर से दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। हर पंडाल के दो द्वार निर्धारित हैं। वहीं आग से बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस टीम थानावार हर पंडालों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेगी। जिले में करीब 950 स्थानों पर दुर्गा पूजा उत्सव मनाया जाएगा। नवरात्र में नौ दिनों तक देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु गांव से लेकर शहर तक मां की प्रतिमाएं स्थापित करते हैं। पंडालों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
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दिनरात कारीगर इसमें जुटे हैं। लोहे, लकड़ी, कपड़े, थर्माकोल की मदद से पंडाल बनाए जा रहे हैं। गोपीगंज में 36 साल पुराने दुर्गा पूजा आयोजन की तैयारियां खास हैं। मां सिंह वाहिनी शृंगार समिति इस साल गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर पंडाल बना रही है। करीब 75 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पंडाल की ऊंचाई और लंबाई 110 फीट है, जबकि चौड़ाई 80 फीट है। पश्चिम बंगाल के 30 कारीगर प्रशांत दादा की देखरेख में एक महीने से इसे बनाने में लगे हैं।
दुर्गा पूजा के दौरान समितियों को निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार ही पूजा पंडाल बनाया जाना है। इसके अलावा पंडाल में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाने हैं।
औराई अग्निकांड की यादें अब भी ताजा : जिले के नरथुआ में 2022 में औराई अग्निकांड की यादें अब भी ताजा हैं। इस हादसे में पंडाल में दर्शन करने गए 22 लोगों की जलने से मौत हो गई थी।
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प्रशासन की ओर से दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। हर पंडाल के दो द्वार निर्धारित हैं। वहीं आग से बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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पुलिस टीम थानावार हर पंडालों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेगी। जिले में करीब 950 स्थानों पर दुर्गा पूजा उत्सव मनाया जाएगा। नवरात्र में नौ दिनों तक देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु गांव से लेकर शहर तक मां की प्रतिमाएं स्थापित करते हैं। पंडालों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
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दिनरात कारीगर इसमें जुटे हैं। लोहे, लकड़ी, कपड़े, थर्माकोल की मदद से पंडाल बनाए जा रहे हैं। गोपीगंज में 36 साल पुराने दुर्गा पूजा आयोजन की तैयारियां खास हैं। मां सिंह वाहिनी शृंगार समिति इस साल गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर पंडाल बना रही है। करीब 75 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पंडाल की ऊंचाई और लंबाई 110 फीट है, जबकि चौड़ाई 80 फीट है। पश्चिम बंगाल के 30 कारीगर प्रशांत दादा की देखरेख में एक महीने से इसे बनाने में लगे हैं।
दुर्गा पूजा के दौरान समितियों को निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार ही पूजा पंडाल बनाया जाना है। इसके अलावा पंडाल में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाने हैं।
औराई अग्निकांड की यादें अब भी ताजा : जिले के नरथुआ में 2022 में औराई अग्निकांड की यादें अब भी ताजा हैं। इस हादसे में पंडाल में दर्शन करने गए 22 लोगों की जलने से मौत हो गई थी।