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लोकार्पण के पांच माह बाद भी हैंडओवर नहीं हुआ पाली क्लीनिक
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जिले में निर्माण कार्यों की गति किस रफ्तार से आगे बढ़ती है, इसका अंदाजा मंडल के इकलौते पशु पाली क्लीनिक के निर्माणाधीन भवन को देखकर लगाया जा सकता है। छह करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पाली क्लीनिक का लोकार्पण करीब पांच माह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद किया था, इसके बावजूद अब तक इसे हैंडओवर नहीं किया गया। ऐसे में पशुपालकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालांकि अब जल्द ही हैंडओवर करने की बात कार्यदायी संस्था के लोग कर रहे हैं।
भदोही जिले के साथ ही मिर्जापुर, सोनभद्र जिले के पशु पालकों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए शासन स्तर से 2018 में पशु पाली क्लीनिक बनाने की स्वीकृति दी गई थी। ज्ञानपुर में जिला पंचायत कार्यालय के समीप ही इसे बनाने के लिए जमीन भी चिह्नित की गई। कार्यदायी संस्था यूपीआरएसएस (उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ) ने नवंबर 2018 में काम भी शुरू करा दिया, लेकिन काम समय से पूरा नहीं हुआ। विधानसभा चुनाव से पहले अधूरे पाली क्लीनिक का ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों से अक्तूबर 2021 में लोकार्पण करा दिया गया। उसके बाद धीरे-धीरे करीब पांच माह का समय निकलने के बाद भी हैंडओवर नहीं हुआ हैं। सूत्र बताते हैं कि अभी भी 15 से 20 दिन का समय निर्माण कार्य पूरा होने में लग सकता है, जबकि अभी आवासीय भवन बनना बाकी है। तीन जिलों के पशुपालकों को राहत देने के लिए यहां सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां आधुनिक अल्ट्रासांउड मशीन, एक्स-रे मशीन, खून की जांच, गोबर की जांच की जाएगी। क्लीनिक में पशुओं का ऑपरेशन भी किया जाएगा। पशुओं को होने वाली किसी भी प्रकार की बीमारी का उपचार भी यहां होगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जय सिंह ने कहा कि पशु पाली क्लीनिक में अत्याधुनिक तरीके से पशुओं का इलाज होना है। यूपीआरएनएसएस के सहायक अभियंता रंजीत कुमार राठौर का कहना है कि पशु पॉली क्लीनिक का मुख्य भवन बनकर तैयार है। आवास बनाने का काम चल रहा है। होली बाद भवन हैंडओवर होगा, लेकिन आवास बनाने का काम कुछ दिन चलेगा।
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भदोही जिले के साथ ही मिर्जापुर, सोनभद्र जिले के पशु पालकों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए शासन स्तर से 2018 में पशु पाली क्लीनिक बनाने की स्वीकृति दी गई थी। ज्ञानपुर में जिला पंचायत कार्यालय के समीप ही इसे बनाने के लिए जमीन भी चिह्नित की गई। कार्यदायी संस्था यूपीआरएसएस (उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ) ने नवंबर 2018 में काम भी शुरू करा दिया, लेकिन काम समय से पूरा नहीं हुआ। विधानसभा चुनाव से पहले अधूरे पाली क्लीनिक का ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों से अक्तूबर 2021 में लोकार्पण करा दिया गया। उसके बाद धीरे-धीरे करीब पांच माह का समय निकलने के बाद भी हैंडओवर नहीं हुआ हैं। सूत्र बताते हैं कि अभी भी 15 से 20 दिन का समय निर्माण कार्य पूरा होने में लग सकता है, जबकि अभी आवासीय भवन बनना बाकी है। तीन जिलों के पशुपालकों को राहत देने के लिए यहां सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां आधुनिक अल्ट्रासांउड मशीन, एक्स-रे मशीन, खून की जांच, गोबर की जांच की जाएगी। क्लीनिक में पशुओं का ऑपरेशन भी किया जाएगा। पशुओं को होने वाली किसी भी प्रकार की बीमारी का उपचार भी यहां होगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जय सिंह ने कहा कि पशु पाली क्लीनिक में अत्याधुनिक तरीके से पशुओं का इलाज होना है। यूपीआरएनएसएस के सहायक अभियंता रंजीत कुमार राठौर का कहना है कि पशु पॉली क्लीनिक का मुख्य भवन बनकर तैयार है। आवास बनाने का काम चल रहा है। होली बाद भवन हैंडओवर होगा, लेकिन आवास बनाने का काम कुछ दिन चलेगा।
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