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भूलकर भी न करें ये गलती: झांसा देकर 30 निवेशकों से 9.29 करोड़ ठगे, जांच में फर्जी निकली कंपनी; केस दर्ज

Fri, 05 Sep 2025 09:35 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही। Published by: प्रगति चंद Updated Fri, 05 Sep 2025 09:35 AM IST
सार

Varanasi News: भदोही जिले की पुलिस ने फर्जी कंपनी के 15 निदेशकों के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी, गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच में वेरी वेल म्यूचुअल बेनिफिट निधि लि. कंपनी फर्जी मिली है।  

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police FIR against Very Well Mutual Benefit Nidhi Ltd. Company duped 30 investors of Rs 9.29 crore in bhadohi
टीवी एक्टर हुआ ठगी का शिकार - फोटो : एक्स (ट्विटर)

विस्तार

भदोही जिले की कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को 30 खाता धारकों के 9.29 करोड़ रुपये लेकर भागने वाली कंपनी वेरी वेल म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड पटेल नगर, ज्ञानपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 29 जून को खाता धारकों ने शिकायत की थी। पुलिस की जांच में कंपनी फर्जी मिलने के बाद एसपी के निर्देश पर कंपनी के 15 निदेशकों पर वित्तीय धोखाधड़ी, गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है।

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पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि शिकायतकर्ता राजेश कुमार मौर्य, महेंद्र गौंड, विजय बिंद ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि वेरी वेल म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड पटेल नगर, ज्ञानपुर नाम की कंपनी ने पैसा दोगुना करने का झांसा देकर 30 निवेशकों से 9.29 करोड़ रुपये की ठगी की है। जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी।
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जांच में पता चला कि कंपनी प्रमुख कृपा शंकर की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी आशा देवी, बेटे रवि आनंद, अक्षय, सूरज और अमन व अन्य निदेशक सुहैल अहमद, आनंद श्रीवास्तव, दया शंकर, विमलेश मौर्य, रमेश मौर्य, वेद प्रकाश, राकेश वर्मा, सूबेदार पाल और सुरेश यादव ने योजनाओं में दोगुना करने का लालच देकर पैसा जमा कराया था।

25 जून को जिसकी एफडी व आरडी पूरी हो चुकी थी, वह पैसा निकालने गए तो कंपनी के कार्यालय पर ताला बंद था। पुलिस की जांच में सामने आया कि कंपनी का कोई बैंक खाता भी नहीं है। कार्यालय में जिन लोगों का पैसा जमा होता था, उसे कंपनी खाते में जमा नहीं करती थी। कंपनी ने माइक्रो क्रेडिट फ़ाउंडेशन के नाम से इंडियन बैंक ज्ञानपुर शाखा में खाता खोला था, लेकिन उसमें मात्र 80 हजार रुपये थे। 

पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि 30 लोगों ने इसकी शिकायत की थी। इसमें 9.29 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। कंपनी लोगों से फिक्स डिपॉजिट (एफडी), रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) कराती थी। आरोपी ज्ञानपुर, गोपीगंज व सुरियावां के हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। 

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