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1.36 करोड़ से बनेगा माधोसिंह रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज
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पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी-रामबाग रूट स्थित माधोसिंह क्रासिंग पर बहुप्रतीक्षित ओवरब्रिज 1.36 करोड़ की लागत से बनेगा। इसकी कवायद शुरू हो गई है। फोरलेन ओवरब्रिज का निर्माण शीघ्र शुरू हो जाएगा। राज्य सेतु निगम निर्माण से संबंधित हर तरह की औपचारिकताएं पूरी कर रिपोर्ट शासन को भी भेज दिया है।
भदोही-मिर्जापुर अंतर प्रांतीय मार्ग भदोही, जौनपुर, प्रयागराज, वाराणसी जिले को जोड़कर लुंबिनी-दुद्धी पहुंचने का सरल मार्ग भी है। उक्त से यात्री औराई चौराहा आकर कानपुर, लखनऊ, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, रायबरेली, सुल्तानपुर, अकबरपुर, कौशांबी, बाबतपुर, मंझनपुर, चंदौली समेत अन्य दूरदराज क्षेत्रों के लिए निजी और सरकारी बसों से यात्रा शुरु करते हैं। जौनपुर से औराई और मिर्जापुर, सोनभद्र, ड्रामंडगंज, मांडा, जिगना, महुआरीकला, नैनी से मय वाहन आने वालों को उस समय माधोसिंह रेलवे क्रासिंग बंद होने की स्थिति में जाम का सामना करना पड़ता है। रेल रुट का दोहरीकरण होने के बाद से क्रासिंग की लंबाई-चौड़ाई और बढ़ जाने से जब तक बूम उठता है तब तक ट्रेनों के आने का संकेत मिलने लगता है। जाम में फंसे वाहन पार होते समय ही एक छोर का बूम बंद कर दिया जाता है। न चाहते हुए भी चालक वाहनों को लेकर क्रासिंग पर आधे से एक घंटे तक खड़े होकर समय जाया करते हैं। तीन माह पूर्व वाराणसी में चुनावी दौर पर आए मुख्यमंत्री ने माधोसिंह पूर्वी रेलवे क्रासिंग पर फोरलेनयुक्त ओवरब्रिज निर्माण की घोषण किया था। प्रोजेक्ट मैनेजर रविशंकर उपाध्याय ने बताया कि ओवरब्रिज से संबंधित औपचारिताएं पूरी कर लागत दर 1.36 करोड़ रुपये का स्टीमेट शासन को भेजा जा चुका है। कुछ ही दिनों में शासन से हरी झंडी मिलते ही फोरलेन ओवरब्रिज का निर्माण शुरु हो जाएगा।
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भदोही-मिर्जापुर अंतर प्रांतीय मार्ग भदोही, जौनपुर, प्रयागराज, वाराणसी जिले को जोड़कर लुंबिनी-दुद्धी पहुंचने का सरल मार्ग भी है। उक्त से यात्री औराई चौराहा आकर कानपुर, लखनऊ, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, रायबरेली, सुल्तानपुर, अकबरपुर, कौशांबी, बाबतपुर, मंझनपुर, चंदौली समेत अन्य दूरदराज क्षेत्रों के लिए निजी और सरकारी बसों से यात्रा शुरु करते हैं। जौनपुर से औराई और मिर्जापुर, सोनभद्र, ड्रामंडगंज, मांडा, जिगना, महुआरीकला, नैनी से मय वाहन आने वालों को उस समय माधोसिंह रेलवे क्रासिंग बंद होने की स्थिति में जाम का सामना करना पड़ता है। रेल रुट का दोहरीकरण होने के बाद से क्रासिंग की लंबाई-चौड़ाई और बढ़ जाने से जब तक बूम उठता है तब तक ट्रेनों के आने का संकेत मिलने लगता है। जाम में फंसे वाहन पार होते समय ही एक छोर का बूम बंद कर दिया जाता है। न चाहते हुए भी चालक वाहनों को लेकर क्रासिंग पर आधे से एक घंटे तक खड़े होकर समय जाया करते हैं। तीन माह पूर्व वाराणसी में चुनावी दौर पर आए मुख्यमंत्री ने माधोसिंह पूर्वी रेलवे क्रासिंग पर फोरलेनयुक्त ओवरब्रिज निर्माण की घोषण किया था। प्रोजेक्ट मैनेजर रविशंकर उपाध्याय ने बताया कि ओवरब्रिज से संबंधित औपचारिताएं पूरी कर लागत दर 1.36 करोड़ रुपये का स्टीमेट शासन को भेजा जा चुका है। कुछ ही दिनों में शासन से हरी झंडी मिलते ही फोरलेन ओवरब्रिज का निर्माण शुरु हो जाएगा।
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