ज्ञानपुर। जिला मुख्यालय पर सोमवार को हक-हकूक की आवाज बुलंद हुई। विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने महंगाई, भ्रष्टाचार, कृषि-किसान विरोधी बिल को वापस लेने, सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने, एससी-एसटी के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा में आरक्षण सुविधा को बहाल करने आदि मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा।
जन अधिकार पार्टी के जिला महासचिव लक्ष्मण मौर्य, अशोक कुमार, विमलेश, सुरोजा शर्मा, सुचित बिंद, हरिशचंद्र मौर्य, सुनील कुमार, विनोद मौर्य ने कहा कि पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और दलितों के साथ बढ़ रहे अत्याचार पर सरकार सख्त नहीं है। सिर्फ खोखले दावे कर आम जनता को छलने का काम कर रही है। कहा पेट्रो पदार्थों की बढ़ी कीमतें वापस की जाएं, निजीकरण अध्यादेश वापस लिए जाए, पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यकों के साथ न्याय किए जाए, मेडिकल, बीएड प्रवेश में आरक्षण व्यवस्था शून्य से हटाकर पुरानी व्यवस्था लागू की जाए, अन्य वर्गों की पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति की सुविधा दी जाए, किसानों को खाद-बीज, कीटनाशक दवाओं पर सब्सिडी दर उपलब्ध कराया जाए। राष्ट्र उदय पार्टी के जिलाध्यक्ष कृष्णदेव पाल, अनिल सिंह, राममूरत पाल, कमलेश ने कहा कि प्रदेश सरकार जनविरोधी नीतियों के कारण आने वाले दिनों में वजूद खो बैठेगी। अब भी समय है संविदा नीति, निजीकरण, किसान विरोधी विधेयक को वापस लेकर महंगाई, भ्रष्टाचार और जंगलराज की जगह कानून का राज स्थापित करे।