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एक कंपोजिट स्कूल बनेगा इंटर कॉलेज, छह बनेंगे मॉडल
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जिले में एक परिषदीय कंपोजिट विद्यालय को इंटर कॉलेज के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा। इसके अलावा सभी छह ब्लॉकों में एक-एक हाईटेक मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे। इस संबंध में शासन स्तर से पत्र आने पर शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर स्कूल चिह्नित कर रिपोर्ट मांगी गई है। इंटर कॉलेज बनने से चयनित विद्यालय वाले क्षेत्र के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं, हर ब्लॉक में एक-एक मॉडल स्कूल बनने से शिक्षा के स्तर में सुधार होगा।
जिले में कुल 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें से 500 से अधिक प्राथमिक, 226 पूर्व माध्यमिक और 176 से अधिक कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें से 500 से अधिक स्कूलों में आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत कक्षा कक्ष, पुस्तकालय, शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, पार्क, झूले आदि की व्यवस्था भी कर ली गई है। अब नई कार्ययोजना के तहत जिले में संचालित 176 कंपोजिट विद्यालयों में से एक का चयन इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई के लिए किया जाएगा। इसके लिए ऐसे स्कूल का चयन होगा, जिसका भवन जर्जर और जीर्णशीर्ण स्थिति में हो, ताकि उपलब्ध फंड से वहां नए विद्यालय भवन का निर्माण हो सके। इसके लिए स्कूल का क्षेत्रफल 16 हजार वर्गमीटर होना चाहिए। चयनित स्कूल में कक्षा एक से 12 तक की कक्षाएं चलेंगी। इसमें लगभग 800 बच्चों को एक साथ पढ़ाने की सुविधा के साथ ही अध्यापकों के लिए अलग स्टाफ रूम और प्रधानाध्यापक रूम व साइंस लैब भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही जिले के सभी छह ब्लॉकों में संचालित कंपोजिट स्कूलों में से एक-एक का चयन हाईटेक मॉडल स्कूल के रूप में किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इन स्कूलों को अभ्युदय संविलियन स्कूल नाम दिया जाएगा। यहां कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई होगी। यहां पांच कक्ष डाइनिंग हॉल, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष और साइंस लैब के होंगे। पूरे स्कूल भवन को इको फ्रेंडली बनाया जाएगा। शौचालय पर्यावरण के अनुकूल और पानी की बचत को ध्यान में रखते हुए उच्चीकृत होंगे। बच्चों के लिए साइकिल स्टैंड व पार्किंग स्थल समेत पेड़, पौधे और हरियाली का ध्यान रखा जाएगा। न्यूनतम तीन हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले स्कूलों को ही मॉडल स्कूल के तहत विकसित कराया जाएगा। जहां 250 विद्यार्थी एक साथ शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। प्रभारी बीएसए रमाकांत सिंह का कहना है कि शासन स्तर से इंटर कॉलेज और मॉडल स्कूल के चयन लिए चयन कर प्रस्ताव मांगा गया है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर मानक के अनुरूप कंपोजिट स्कूलों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सूची मिलते ही शासन को भेज दी जाएगी।
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जिले में कुल 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें से 500 से अधिक प्राथमिक, 226 पूर्व माध्यमिक और 176 से अधिक कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें से 500 से अधिक स्कूलों में आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत कक्षा कक्ष, पुस्तकालय, शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, पार्क, झूले आदि की व्यवस्था भी कर ली गई है। अब नई कार्ययोजना के तहत जिले में संचालित 176 कंपोजिट विद्यालयों में से एक का चयन इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई के लिए किया जाएगा। इसके लिए ऐसे स्कूल का चयन होगा, जिसका भवन जर्जर और जीर्णशीर्ण स्थिति में हो, ताकि उपलब्ध फंड से वहां नए विद्यालय भवन का निर्माण हो सके। इसके लिए स्कूल का क्षेत्रफल 16 हजार वर्गमीटर होना चाहिए। चयनित स्कूल में कक्षा एक से 12 तक की कक्षाएं चलेंगी। इसमें लगभग 800 बच्चों को एक साथ पढ़ाने की सुविधा के साथ ही अध्यापकों के लिए अलग स्टाफ रूम और प्रधानाध्यापक रूम व साइंस लैब भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही जिले के सभी छह ब्लॉकों में संचालित कंपोजिट स्कूलों में से एक-एक का चयन हाईटेक मॉडल स्कूल के रूप में किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इन स्कूलों को अभ्युदय संविलियन स्कूल नाम दिया जाएगा। यहां कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई होगी। यहां पांच कक्ष डाइनिंग हॉल, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष और साइंस लैब के होंगे। पूरे स्कूल भवन को इको फ्रेंडली बनाया जाएगा। शौचालय पर्यावरण के अनुकूल और पानी की बचत को ध्यान में रखते हुए उच्चीकृत होंगे। बच्चों के लिए साइकिल स्टैंड व पार्किंग स्थल समेत पेड़, पौधे और हरियाली का ध्यान रखा जाएगा। न्यूनतम तीन हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले स्कूलों को ही मॉडल स्कूल के तहत विकसित कराया जाएगा। जहां 250 विद्यार्थी एक साथ शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। प्रभारी बीएसए रमाकांत सिंह का कहना है कि शासन स्तर से इंटर कॉलेज और मॉडल स्कूल के चयन लिए चयन कर प्रस्ताव मांगा गया है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर मानक के अनुरूप कंपोजिट स्कूलों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सूची मिलते ही शासन को भेज दी जाएगी।
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