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नोटबंदी: घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिला कैश
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Fri, 25 Nov 2016 11:43 PM IST
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भारतीय स्टेट बैंक की ज्ञानपुर शाखा में लेन-देन के लिए लगी ग्राहकों की भीड़।
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ज्ञानपुर। नोटबंदी का 17 वां दिन, लेकिन समस्याएं जस की तस। बैंक से लेकर एटीएम तक नकदी के लिए मारामारी की स्थिति। शुक्रवार को जिलेभर के बैंकों और एटीएम पर पूरे दिन यही नजारा दिखता रहा। कोई कैैश के लिए गिड़गिड़ाता रहा तो कोई एटीएम में घंटों तक लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करता रहा। घंटों समय जाया करने के बाद मशीन तक पहुंचे तो पता चला कि कैश खत्म।
केंद्र की मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले ने आम आदमी की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। बैंक में जमा अपने ही पैसे के लिए लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसी के घर शादी के आयोजन की तैयारियां चुनौती बनीं हैं तो कहीं घर-गृहस्थी के जरूरी सामान एकत्र करना है। बैंक खाते में पैसे रहते हुए भी भूखे रहने की नौबत है। बैंकों में शुक्रवार को पूरे दिन लोगों की कतारें नहीं टूटीं। नगरीय क्षेत्रों के बैंकों में कुछ कम भीड़ दिखी जरूर, लेकिन वह भी कैश की कमी की वजह से। ग्रामीण क्षेत्रों के बैंक और एटीएम पूरे दिन लोगों की भीड़ से पटे रहे। नकदी के लिए मारामारी की स्थिति से बैंक कर्मचारी भी परेशान रहे। काम के घंटे बढ़ जाने के बाद बैंक कर्मचारियों के सामने चुनौती और ज्यादा हो गई है। शादी-ब्याह वाले घरों में नकदी की कमी के चलते लोगों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार को स्टेट बैंक, यूनियन बैंक के अलावा ग्राम्यांचलों के लगभग सभी बैंकों में लेन-देन के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा रही। जंगीगंज, औराई, सुरियावां, मोढ़, घोसिया आदि इलाकों में बैंकों और एटीएम पर लगातार लाइनें लगी रहीं। नगरीय क्षेत्र के कई एटीएम के शटर पिछले कई दिनों से उठे ही नहीं। इससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। माना जा रहा है कि सभी एटीएम चलने लगें तो बैंकों में होने वाली भीड़ कुछ हद तक कम हो सकती है, क्योंकि उसमें ज्यादातर लोग पैसे की निकासी के लिए ही बैंक पहुंच रहे हैं।भिदिउरा के मनीश कुमार पाठक एक्सिस बैंक के एटीएम में घंटों लगे रहे, लेकिन जब तक वे केबिन तक पहुंचते तब तक कैश खत्म हो चुका है।
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केंद्र की मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले ने आम आदमी की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। बैंक में जमा अपने ही पैसे के लिए लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसी के घर शादी के आयोजन की तैयारियां चुनौती बनीं हैं तो कहीं घर-गृहस्थी के जरूरी सामान एकत्र करना है। बैंक खाते में पैसे रहते हुए भी भूखे रहने की नौबत है। बैंकों में शुक्रवार को पूरे दिन लोगों की कतारें नहीं टूटीं। नगरीय क्षेत्रों के बैंकों में कुछ कम भीड़ दिखी जरूर, लेकिन वह भी कैश की कमी की वजह से। ग्रामीण क्षेत्रों के बैंक और एटीएम पूरे दिन लोगों की भीड़ से पटे रहे। नकदी के लिए मारामारी की स्थिति से बैंक कर्मचारी भी परेशान रहे। काम के घंटे बढ़ जाने के बाद बैंक कर्मचारियों के सामने चुनौती और ज्यादा हो गई है। शादी-ब्याह वाले घरों में नकदी की कमी के चलते लोगों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार को स्टेट बैंक, यूनियन बैंक के अलावा ग्राम्यांचलों के लगभग सभी बैंकों में लेन-देन के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा रही। जंगीगंज, औराई, सुरियावां, मोढ़, घोसिया आदि इलाकों में बैंकों और एटीएम पर लगातार लाइनें लगी रहीं। नगरीय क्षेत्र के कई एटीएम के शटर पिछले कई दिनों से उठे ही नहीं। इससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। माना जा रहा है कि सभी एटीएम चलने लगें तो बैंकों में होने वाली भीड़ कुछ हद तक कम हो सकती है, क्योंकि उसमें ज्यादातर लोग पैसे की निकासी के लिए ही बैंक पहुंच रहे हैं।भिदिउरा के मनीश कुमार पाठक एक्सिस बैंक के एटीएम में घंटों लगे रहे, लेकिन जब तक वे केबिन तक पहुंचते तब तक कैश खत्म हो चुका है।
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