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डेढ़ साल की मासूम को बंदरों ने नोचकर मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Fri, 05 Aug 2016 02:06 AM IST
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ऊंज थानाक्षेत्र के दौड़ियाहीं गोधना गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। घर के बाहर मड़हे में सो रही डेढ़ साल की मासूम बच्ची को उत्पाती बंदरों ने नोच डाला। इससे बच्ची की मौत हो गई। इस घटना ने गांव वालों को हिलाकर रख दिया है।
दौड़ियाहीं गोधना गांव निवासी भुल्लर गौतम कालीन बुनाई का काम करता है। बुधवार की शाम करीब पांच बजे उनकी डेढ़ साल की बेटी कल्लो को घर के सामने मड़हे में सुलाकर उसकी मां कमला गृहस्थी का सामान लेने के लिए दूकान चली गई। घर पर मौजूद उसके दो अन्य बच्चे खेलने में मशगूल हो गए। इसी बीच पांच-छह की संख्या में पहुंचे बंदरों ने मड़हे में सो रही बच्ची पर हमला बोल दिया। वे बच्ची को नोचने लगे। बंदर बच्ची को तकरीबन आधे घंटे तक घसीटते हुए इधर-उधर भागते रहे। बच्ची की चीख सुनकर गांव के लोग दौड़े और किसी तरह बच्ची को बंदरों के चंगुल से मुक्त कराया, लेकिन तब तक बच्ची गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। बंदरों ने उसके हाथ, पेट ओर सीने को बुरी तरह से नोच दिया था। आनन-फानन लोग बच्ची को लेकर जंगीगंज के एक निजी चिकित्सालय पहुंचे तो चिकित्सक ने जख्मों पर पट्टी आदि लगाकर उसे अन्यत्र ले जाने की सलाह दे दी। इसके बाद घरवाले उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार को परिवारीजनों ने कलिंजरा घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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दौड़ियाहीं गोधना गांव निवासी भुल्लर गौतम कालीन बुनाई का काम करता है। बुधवार की शाम करीब पांच बजे उनकी डेढ़ साल की बेटी कल्लो को घर के सामने मड़हे में सुलाकर उसकी मां कमला गृहस्थी का सामान लेने के लिए दूकान चली गई। घर पर मौजूद उसके दो अन्य बच्चे खेलने में मशगूल हो गए। इसी बीच पांच-छह की संख्या में पहुंचे बंदरों ने मड़हे में सो रही बच्ची पर हमला बोल दिया। वे बच्ची को नोचने लगे। बंदर बच्ची को तकरीबन आधे घंटे तक घसीटते हुए इधर-उधर भागते रहे। बच्ची की चीख सुनकर गांव के लोग दौड़े और किसी तरह बच्ची को बंदरों के चंगुल से मुक्त कराया, लेकिन तब तक बच्ची गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। बंदरों ने उसके हाथ, पेट ओर सीने को बुरी तरह से नोच दिया था। आनन-फानन लोग बच्ची को लेकर जंगीगंज के एक निजी चिकित्सालय पहुंचे तो चिकित्सक ने जख्मों पर पट्टी आदि लगाकर उसे अन्यत्र ले जाने की सलाह दे दी। इसके बाद घरवाले उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार को परिवारीजनों ने कलिंजरा घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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