ज्ञानपुर। विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर जिला इकाई के तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार का जिले में कोई असर नहीं रहा। तीन दिन पूर्व जारी नोटिस को संज्ञान में लेते हुए अभियंताओं ने प्रत्येक उपकेंद्र पर सुबह से मौजूद रहकर विद्युत व्यवस्था में किसी तरह का व्यवधान न आने देने के लिए कमर कस ली थी। अभियंताओं ने संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार को भांपकर उन्हें वसूली कार्य में लगा दिया और स्वयं उपकेंद्रों पर मौजूद रहकर फीडरों को संचालित कराने में मुख्य भूमिका निभाई। संविदा विद्युत कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष मंसूर अली की अध्यक्षता में तीन दिन पूर्व कार्यकर्ताओं ने सुरियावां उपकेंद्र पर बैठक कर 13 से 15 मार्च तक कुल 72 घंटे तक कार्य बहिष्कार करते हुए 12 मांगों को मनवाने के लिए आवाज उठाई थी। 12 मार्च को ही अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार ने अनुरक्षण संस्था एसएमएम को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सचेत रहने का निर्देश जारी कर दिया था। 13 मार्च की सुबह कार्य बहिष्कार शुरू होने से पूर्व अभियंताओं की टीम ने अनुरक्षण संस्था एसएमएम के साथ वितरण खंड गोपीगंज-ज्ञानपुर और फत्तूपुर-भदोही उपकेंद्र वहिदानगर, गोपीगंज, लालानगर, घोसिया, औराई, चकापुर, अभोली, शेरपुर-गोपलहां, गड़ौरा, चौरी, चकापुर, ज्ञानपुर तहसील, रमईपुर, सीतामढ़ी, सेमराध पर कमान संभाल लिया। इससे आपूर्ति व्यवस्था अनवरत जारी रही। महासंघ के मीडिया प्रभारी पुनीत राय ने बताया कि प्रदेश के शक्ति भवन में चेयरमैन एम देवराज ने महासंघ के अध्यक्ष आरएस राय, प्रदेश प्रबंध निदेशक पंकज कुमार से संविदा कर्मियों की 12 मांगों पर वार्ता की है। आश्वासन मिला है कि संविदा कर्मचारियों को मृतक आश्रित मुआवजा पांच से 10 लाख, वेतन वृद्धि, सेवा अवधि 60 वर्ष, ईएसआई की सुविधा हर जिले में मिलने लगेगी। आश्वासन पर कार्य बहिष्कार सर्वसम्मति से वापस ले लिया गया है। इस मौके पर प्रदेश संविदा कर्मचारी संघ मोहम्मद काशिफ, कमला तिवारी, विनोद कुमार, महामंत्री पंकज सिंह परमार, कपिल कुमार शर्मा, पिंटू कुमार आदि रहे।