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परिषदीय स्कूलों में टाट-पट्टी पर पढ़ते हैं नौनिहाल

Mon, 27 Sep 2021 12:20 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Sep 2021 12:20 AM IST
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Naunihal studies on sackcloth in council schools
परिषदीय स्कूलों में सभी व्यवस्थाएं मुकम्मल करके ऐसा माहौल देने की कोशिश की जा रही है कि वहां बच्चे ज्यादा से ज्यादा आएं। स्कूलों में उनका मन लगे, सरकारी स्कूलों में बच्चों का ठहराव हो, लेकिन भदोही जिले के परिषदीय स्कूलों में ज्यादातर बच्चे टाट-पट्टी पर ही बैठकर पढ़ाई करते हैं। कारण कि यहां 76 फीसदी परिषदीय स्कूलों में फर्नीचर नहीं है। बिजली और बालक-बालिका यूरिनल की भी स्थिति ठीक नहीं है।
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परिषदीय स्कूलों की दशा सुधारने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प चलाया जा रहा है। इसकी हर महीने बैठक भी होती है। लाखों रुपये खर्च भी हो चुके हैं, बावजूद इसके स्थिति अभी तक बहुत ज्यादा सुधरी नहीं है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो एक सप्ताह पहले तक जिले 887 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से महज 301 स्कूलों में ही फर्नीचर की व्यवस्था है।
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यानी करीब 76 फीसदी स्कूल ऐसे हैं जहां फर्नीचर नहीं है। ऐसे में यहां के बच्चे टाट-पट्टी पर ही बैठते हैं। सबसे खराब स्थिति तो अभोली की है। यहां महज 20 फीसदी स्कूलों में ही फर्नीचर है। ज्ञानपुर के 29, औराई के 56, डीघ के 28, सुरियावां के 30 व भदोही के 28 फीसदी स्कूलों में ही फर्नीचर है। यहीं हाल बिजली कनेक्शन का भी है। जब उमस भरी गर्मी पड़ती है तो 11 फीसदी स्कूलों के बच्चे बगैर पंखे की हवा में रहते हैं। 887 में से 792 स्कूलों में बिजली कनेक्शन है। यही हाल बालक-बालिका यूरिनल की भी है। अभी तक महज 520 बालक और 533 बालिका यूरिनल ही बनाए जा सके हैं।
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