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नापजोख का हुआ जोरदार विरोध
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Fri, 20 Mar 2015 01:01 AM IST
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बाबतपुर-भदोही फोरलेन सड़क को लेकर चौरी बाजार में पहुंचे लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को व्यापारियों और किसानों की नाराजगी का सामना सहना पड़ा। विरोध के चलते कर्मचारियों को बैंरग लौटना पड़ा। किसानों ने चेतावनी दी यदि बिना बातचीत पूरी हुए फोरलेन निर्माण की कोशिश की गई आंदोलन किया जाएगा।
भदोही-बाबतपुर फोरलेन निर्माण के दौरान चौरी सहित आसपास के किसानों एवं व्यापारियों ने मुआवजे की मांग को लेकर छह माह पूर्व निर्माण रोक दिया था। छह माह के बाद बृहस्पतिवार को एक बार फिर लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी वहां पहुंचे और नापजोख करने का प्रयास किया। लोक निर्माण विभाग के अमीन कैलाशनाथ ने कर्मचारियों के साथ चौरी बाजार के मकानों में लाल निशान लगवाने लगे। निशान लगाने की सूचना पर व्यापारी और किसान मौके पर पहुंच गए। उन्होंने इसका कारण पूछा तो विभाग के लोग संतोषजनक जवाब न दे सके। किसानों ने कहा कि पहले पीला और अब लाल रंग से निशान लगाया जा रहा है। जबकि चार गुना मुआवजा की मांग को लेकर काम छह माह से ठप चल रहा है। इसके बाद भी वे लोग जबर्दस्ती कार्य चालू करने पर उतारू हैं, लेकिन किसान, व्यापारी किसी भी सूरत में काम शुरू नहीं होने देंगे। विरोध करने वालों के आक्रोश के आगे विभागीय कर्मियों की एक नहीं चली। इससे उन्हें बैरंग लौटना पड़ गया। विरोध जताने वालों चंद्रशेखर दूबे, बसंतलाल गुप्ता, दशरथ दूबे, राजपति, डा. घनश्यामदास, विष्णु, शीतल हलवाई, राधेश्याम आदि रहे।
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भदोही-बाबतपुर फोरलेन निर्माण के दौरान चौरी सहित आसपास के किसानों एवं व्यापारियों ने मुआवजे की मांग को लेकर छह माह पूर्व निर्माण रोक दिया था। छह माह के बाद बृहस्पतिवार को एक बार फिर लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी वहां पहुंचे और नापजोख करने का प्रयास किया। लोक निर्माण विभाग के अमीन कैलाशनाथ ने कर्मचारियों के साथ चौरी बाजार के मकानों में लाल निशान लगवाने लगे। निशान लगाने की सूचना पर व्यापारी और किसान मौके पर पहुंच गए। उन्होंने इसका कारण पूछा तो विभाग के लोग संतोषजनक जवाब न दे सके। किसानों ने कहा कि पहले पीला और अब लाल रंग से निशान लगाया जा रहा है। जबकि चार गुना मुआवजा की मांग को लेकर काम छह माह से ठप चल रहा है। इसके बाद भी वे लोग जबर्दस्ती कार्य चालू करने पर उतारू हैं, लेकिन किसान, व्यापारी किसी भी सूरत में काम शुरू नहीं होने देंगे। विरोध करने वालों के आक्रोश के आगे विभागीय कर्मियों की एक नहीं चली। इससे उन्हें बैरंग लौटना पड़ गया। विरोध जताने वालों चंद्रशेखर दूबे, बसंतलाल गुप्ता, दशरथ दूबे, राजपति, डा. घनश्यामदास, विष्णु, शीतल हलवाई, राधेश्याम आदि रहे।
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