वरुणा और मोरवा नदी में उड़ रही धूल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिकुड़ते दायरे के चलते मार्च से सितंबर तक करीब छह माह तक वरुणा और मोरवा नदियां सूख जाती हैं। गर्मी में दोनों नदियों में धूल उड़ती है। इलाहाबाद जिले की फूलपुर तहसील के मैलहन तालाब से निकलकर भदोही और जौनपुर के रास्ते 162 किलोमीटर की यात्रा करके वरुणा वाराणसी पहुंचती है। भदोही जिले में तकरीबन 35 किमी लंबी वरुणा हजारों किसानों की फसल सिंचाई और पशु-पक्षियों जीवन का आधार बनती है।
लेकिन, आसपास के जिलों में अतिक्रमण, जगह-जगह जलप्रवाह को बांधने और सिल्ट सफाई न होने के कारण जिले में वरुणा में एक बूंद पानी नहीं है। वरुणा के दोनों तटों पर अतिक्रमण कर इमारतें बना ली गईं हैं। भदोही एवं आसपास के क्षेत्रों का कालीन का कचरा भी सीधे वरुणा में गिराया जा रहा है। भदोही में मोरवा की भी कमोबेश यही स्थिति हैा रसायनयुक्त पानी भी गिर रहा है।