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राइस फोर्टिफिकेशन का मिलर्स ने लिया प्रशिक्षण
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ज्ञानपुर। चावल कैलोरी का एक बड़ा स्रोत और देश के विभिन्न हिस्सों में कृषि और पोषण का मुख्य घटक भी है। 65 फीसदी जनसंख्या चावल पर निर्भर है। मिलों में सामान्य चावल बनाते समय वसा, सूक्ष्म पोषक तत्वों का भंडार चोकर के रूप में निकल जाता है। इसकी भरपाई अब मिलर्स अपने संयंत्रों में बदलाव कर पूरा कर सकते हैं। यह जानकारी शुक्रवार को सूफीनगर-गोधना स्थित एक प्रतिष्ठान में राज्य प्रशिक्षक मयंक भूषण ने मिलर्स और खाद्य एवं रसद विभाग के कर्मचारियों को दी।
उन्होंने बताया कि 15 जिलों में सरकार पायलट प्रोजेक्ट बनाकर फोर्टिफाइड चावल का वितरण निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में कराने की योजना बना ली है। एक किलोग्राम सामान्य चावल में फोर्टिफाइड चावल का एक दाना सभी तरह के पोषक तत्वों को पूरा कर देगा। मिलर्स हापर ढक्कन, क्षमतानुसार विद्युत मोटर, डीजल इंजन, सक्षम नियंत्रण प्रणाली, चुंबकयुक्त ब्लैंडर में बदलाव कर फोर्टिफाइड चावल का निर्माण कर सकते हैं। मिलों में लगे पूर्व के उपकरणों को बदलने की लागत अधिक नहीं आएगी। पैकेजिंग, बोरियों की सिलाई के लिए पर्याप्त जगह, स्वच्छता जरूरी है। इस मौके पर डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह, एमओ एसबी सिंह, एसएमआई एसके पांडेय, आरती शुक्ला, श्याम मुरारी दुबे, अनिल मिश्रा, अंबुज मिश्रा, संतोष शुक्ला, मुन्ना सिंह, कृपाशंकर पांडेय, शिवशंकर जायसवाल, मंशाराम जायसवाल आदि रहे।
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उन्होंने बताया कि 15 जिलों में सरकार पायलट प्रोजेक्ट बनाकर फोर्टिफाइड चावल का वितरण निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में कराने की योजना बना ली है। एक किलोग्राम सामान्य चावल में फोर्टिफाइड चावल का एक दाना सभी तरह के पोषक तत्वों को पूरा कर देगा। मिलर्स हापर ढक्कन, क्षमतानुसार विद्युत मोटर, डीजल इंजन, सक्षम नियंत्रण प्रणाली, चुंबकयुक्त ब्लैंडर में बदलाव कर फोर्टिफाइड चावल का निर्माण कर सकते हैं। मिलों में लगे पूर्व के उपकरणों को बदलने की लागत अधिक नहीं आएगी। पैकेजिंग, बोरियों की सिलाई के लिए पर्याप्त जगह, स्वच्छता जरूरी है। इस मौके पर डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह, एमओ एसबी सिंह, एसएमआई एसके पांडेय, आरती शुक्ला, श्याम मुरारी दुबे, अनिल मिश्रा, अंबुज मिश्रा, संतोष शुक्ला, मुन्ना सिंह, कृपाशंकर पांडेय, शिवशंकर जायसवाल, मंशाराम जायसवाल आदि रहे।
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