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भदोही के दुष्कर्म मामले में कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : दोषी को 20 साल की सजा और पिता पर 50 हजार का जुर्माना

Sat, 01 Mar 2025 09:40 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 01 Mar 2025 09:40 AM IST
सार

दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया है। बताते चलें कि किशोरी की याचिका पर न सिर्फ दोषी को सजा सुनाई है बल्कि नाबालिग होने पर पिता को भी दोषी करार देते हुए पचास हजार का जुर्माना ठोंका है।

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Historic decision of the court in the Bhadohi rape case Twenty years imprisonment to the culprit
दुष्कर्म के आरोपी को सजा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 न्यायाधीश बाल न्यायालय श्रीमति मधु डोगरा की अदालत ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी किशोर को 20 साल कैद की सजा सुनाई। वहीं दोषी के नाबालिग होने पर उसके पिता पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। साल भर पहले हुई घटना में कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया।

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औराई कोतवाली के एक गांव निवासी किशोरी ने बीते साल 31 मार्च को कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उसकी उम्र 15 साल है। उसके पिता मुंबई रहते हैं। उनके बीमार होने पर उसकी मां उनके पास चली गई। घर में उसकी दो बहनें और छोटा भाई रहता है। बताया कि उसकी दोनों बहनें गाय चराने के लिए जाती थी। वह घर में रहकर पढ़ाई करती थी।
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इस बीच उसका पड़ोसी छत के रास्ते घर में घूस आया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप लगाया कि उसके अगले दो दिन भी उसके घर में उसके साथ जबरदस्ती की और किसी को न बताने की धमकी दी। इस बीच किशोरी के गर्भवती होने पर परिवार के लोग भौचक रहे गए और मामला सामने आया।
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किशोरी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। इस बीच आरोपी की मां ने बेटे के नाबालिग होने की याचिका दाखिल की। जिस पर मेडिकल परीक्षण के बाद उसके नाबालिग होने की पुष्टि हुई।


जिसके बाद मामला बाल न्यायालय में सुना गया। न्यायाधीश बाल न्यायालय श्रीमति मधु डोगरा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मामले को गंभीर माना और किशोर को 20 साल कैद की सजा सुनाई।

वहीं उसके पिता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने कहा कि बालिग होने तक युवक बाल संरक्षण गृह में रहेगा। इसके बाद उसे जेल भेजा जाएगा।

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