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छह डायग्नोसिस सेंटर के लाइसेंस निरस्त होंगे
bhadohi hindi news
Updated Thu, 27 Apr 2017 01:37 AM IST
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जिले में अवैध रूप से चल रह अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर बुधवार को एसडीएम केशवनाथ गुप्ता ने दलबल के साथ छापेमारी की। इस दौरान उन्होंने छह डायग्नोस्टिक सेंटरों के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की। छापेमारी से ज्ञानपुर से लेकर गोपीगंज तक के डायग्नोस्टिक सेंटर संचालकों में हड़कंप मच गया।
एसडीएम ने शशि डायग्नोस्टिक सेंटर ज्ञानपुर, जननी हास्पिटल एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर चकपड़ौना, जीवन रक्षक डायग्नोस्टिक सेंटर गोपीगंज, जयंत माथुर मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर गोपीगंज, जीवन रक्षा डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापेमारी की। इसमें सभी केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड विभाग बिना रेडियोलॉजिस्ट और टेक्नीशियन के संचालित होते मिले। एसडीएम ने नाराजगी जताई। इन सभी डायग्नोस्टिक सेँटरों के लाइसेंस को निरस्त करने के लिए सीएमओ को संस्तुति की। वहीं जो स्टॉफ मौजूद मिले, वे प्रशिक्षित नहीं थे। जीवन रक्षा डायग्नोस्टिक सेंटर का दो साल से नवीनीकरण नहीं मिला। जयंत माथुर का अस्पताल अवैध रूप से चलता पाया गया। 31 मार्च को लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई थी, लेकिन नवीनीकरण नहीं कराया गया था। सभी अस्पतालों में चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्य कर्मी तक कोई भी स्वास्थ्य विभाग की वर्दी में नहीं मिला। न हीं डिग्री प्रदर्शित मिली और न नेम प्लेट। एसडीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से लिंग परीक्षण पर रोक का आदेश है। इसके मद्देनजर जांच की जा रही है। लिंग परीक्षण कराने पर अस्पताल संचालकों संग माता-पिता को दंडित करने का प्रावधान है।
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एसडीएम ने शशि डायग्नोस्टिक सेंटर ज्ञानपुर, जननी हास्पिटल एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर चकपड़ौना, जीवन रक्षक डायग्नोस्टिक सेंटर गोपीगंज, जयंत माथुर मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर गोपीगंज, जीवन रक्षा डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापेमारी की। इसमें सभी केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड विभाग बिना रेडियोलॉजिस्ट और टेक्नीशियन के संचालित होते मिले। एसडीएम ने नाराजगी जताई। इन सभी डायग्नोस्टिक सेँटरों के लाइसेंस को निरस्त करने के लिए सीएमओ को संस्तुति की। वहीं जो स्टॉफ मौजूद मिले, वे प्रशिक्षित नहीं थे। जीवन रक्षा डायग्नोस्टिक सेंटर का दो साल से नवीनीकरण नहीं मिला। जयंत माथुर का अस्पताल अवैध रूप से चलता पाया गया। 31 मार्च को लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई थी, लेकिन नवीनीकरण नहीं कराया गया था। सभी अस्पतालों में चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्य कर्मी तक कोई भी स्वास्थ्य विभाग की वर्दी में नहीं मिला। न हीं डिग्री प्रदर्शित मिली और न नेम प्लेट। एसडीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से लिंग परीक्षण पर रोक का आदेश है। इसके मद्देनजर जांच की जा रही है। लिंग परीक्षण कराने पर अस्पताल संचालकों संग माता-पिता को दंडित करने का प्रावधान है।
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