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क्लीनिक और लैब संचालक पर मुकदमा
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ज्ञानपुर। बिना पंजीकरण के अस्पताल और पैथालॉजी का संचालन करने वालों के विरुद्घ बुधवार की रात स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई। अस्पताल और पैथालॉजी गोपीगंज और टीकापुर में संचालित था। विभाग ने यह कार्रवाई अधिवक्ता की तरफ से आईजीआरएस पार्टल पर की गई शिकायत के आधार पर किया।
अधिवक्ता आदर्श कुमार ने दो माह पूर्व आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज किया था। इसमें उन्होंने बताया था कि गोपीगंज में पैथालॉजी और टीकापुर में क्लीनिक संचालन गलत तरीके से किया जा रहा है। अधिवक्ता के अनुसार दोनों संस्थान ना तो मानक को पूरा की है और नाही स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण कराई है। ऐसे में दोनों अवैध तरीके से संचालित है। जिसे स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया। इसक्रम में सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशुतोष पांडेय को जांच सौंपी गई। जांच में शिकायत सही मिली, इस पर पैथालॉजी और क्लीनिक संचालक को स्वास्थ्य विभाग ने बंद करने के लिए नोटिस भेजा। दो-दो नोटिस भेजने के बाद भी संचालन बंद नहीं हुआ, इस बात की जानकारी होने पर सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक के आदेश पर बुधवार की रात सीएचसी अधीक्षक ने गोपीगंज कोतवाली में पुनीत नर्सिंग होम टीकापुर के संचालक राजू बिंद और ज्ञानपुर रोड स्थित पैथालॉजी संचालक के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई। बात करने पर सीएमओ ने बताया कि जिले में जो भी अस्पताल, पैथालॉजी सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी संस्थाए बिना पंजीकरण के संचालित होगी, उनके विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहाकि जिले में जो भी क्लीनिक, लैब या अस्पताल मानक को पूरा किए संचालित है, वो तत्काल बंद कर दें। अन्यथा उनके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। बताते चले बीते एक माह के अंदर गोपीगंज, गोसाई बाजार में संचालित छह क्लीनिक और लैब संचालकों के विरुद्घ विभागीय कार्रवाई की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक ने बिना पंजीकरण के संचालित जिले के तीन अस्पतालों को बंद करने की नोटिस जारी किया। जीयनपुर निवासी विंध्यवासिनी उपाध्याय ने आईजीआरएस पर प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें आरोप लगाया कि पाली बाजार, बसवापुर में और बिठौली रोड बसवापुर में बिना पंजीकरण के क्लीनिक संचालित है। जांच कराने पर शिकायत सही मिली। पूर्व में 50 हजार अर्थदंड और बंद करने की नोटिस भेजी गई लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया। सीएमओ ने अंतिम नोटिस जारी किया। चेतावनी दिया कि क्लीनिक न बंद होने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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अधिवक्ता आदर्श कुमार ने दो माह पूर्व आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज किया था। इसमें उन्होंने बताया था कि गोपीगंज में पैथालॉजी और टीकापुर में क्लीनिक संचालन गलत तरीके से किया जा रहा है। अधिवक्ता के अनुसार दोनों संस्थान ना तो मानक को पूरा की है और नाही स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण कराई है। ऐसे में दोनों अवैध तरीके से संचालित है। जिसे स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया। इसक्रम में सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशुतोष पांडेय को जांच सौंपी गई। जांच में शिकायत सही मिली, इस पर पैथालॉजी और क्लीनिक संचालक को स्वास्थ्य विभाग ने बंद करने के लिए नोटिस भेजा। दो-दो नोटिस भेजने के बाद भी संचालन बंद नहीं हुआ, इस बात की जानकारी होने पर सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक के आदेश पर बुधवार की रात सीएचसी अधीक्षक ने गोपीगंज कोतवाली में पुनीत नर्सिंग होम टीकापुर के संचालक राजू बिंद और ज्ञानपुर रोड स्थित पैथालॉजी संचालक के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई। बात करने पर सीएमओ ने बताया कि जिले में जो भी अस्पताल, पैथालॉजी सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी संस्थाए बिना पंजीकरण के संचालित होगी, उनके विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहाकि जिले में जो भी क्लीनिक, लैब या अस्पताल मानक को पूरा किए संचालित है, वो तत्काल बंद कर दें। अन्यथा उनके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। बताते चले बीते एक माह के अंदर गोपीगंज, गोसाई बाजार में संचालित छह क्लीनिक और लैब संचालकों के विरुद्घ विभागीय कार्रवाई की गई।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक ने बिना पंजीकरण के संचालित जिले के तीन अस्पतालों को बंद करने की नोटिस जारी किया। जीयनपुर निवासी विंध्यवासिनी उपाध्याय ने आईजीआरएस पर प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें आरोप लगाया कि पाली बाजार, बसवापुर में और बिठौली रोड बसवापुर में बिना पंजीकरण के क्लीनिक संचालित है। जांच कराने पर शिकायत सही मिली। पूर्व में 50 हजार अर्थदंड और बंद करने की नोटिस भेजी गई लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया। सीएमओ ने अंतिम नोटिस जारी किया। चेतावनी दिया कि क्लीनिक न बंद होने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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