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धान क्रय केंद्रों पर बोरे की कमी, किसान सभा ने किया प्रदर्शन
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कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते अखिल भारतीय किसान सभा के पदाधिकारी।
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। धान क्रय केंद्रों पर बोरे की कमी की समस्या के विरोध में सोमवार को जिला मुख्यालय पर उत्तर प्रदेश किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिलाध्यक्ष रमापति यादव के साथ पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने किसानों से धान खरीद शुरू कर दी, लेकिन क्रय केंद्रों पर कोई व्यवस्था ही नहीं है।
कहा कि 72 घंटे के अंदर खाते में भुगतान, केंद्रों पर बोरे की उपलब्धता को दरकिनार कर दिया गया। क्रय केंद्र पर निजी बोरियों में भरकर आने वाले धान के साथ अधिकारियों की मिलीभगत से कर्मचारी बोरे वापस नहीं कर रहे हैं और सरकारी बोरे बाजार में बेचकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। टोकन मिलने के बाद भी किसानों को दौड़ाया जा रहा है। दो दिन में स्थलीय निरीक्षण कराकर प्रशासन ने किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
मांगों में केंद्रों पर बोरे की उपलब्धता, निर्धारित दर पर धान की खरीद कर खाते में भुगतान, खरीद के समय कमीशनखोरी पर सख्त कदम उठाने, जिले में यूरिया का पर्याप्त स्टाक कराने और सहकारी समिति एवं धान क्रय केंद्र पर भ्रष्टाचार करने वाले और कमीशनखोरी में लिप्त कर्मचारियों को हटाने की मांग की। इस मौके पर अमरनाथ मौर्य, प्रेमबहादुर, बेचूलाल, सुक्खूराम पाल, हृदय लाल यादव, परदेशी राम, अशोक कुमार आदि रहे।
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कहा कि 72 घंटे के अंदर खाते में भुगतान, केंद्रों पर बोरे की उपलब्धता को दरकिनार कर दिया गया। क्रय केंद्र पर निजी बोरियों में भरकर आने वाले धान के साथ अधिकारियों की मिलीभगत से कर्मचारी बोरे वापस नहीं कर रहे हैं और सरकारी बोरे बाजार में बेचकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। टोकन मिलने के बाद भी किसानों को दौड़ाया जा रहा है। दो दिन में स्थलीय निरीक्षण कराकर प्रशासन ने किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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मांगों में केंद्रों पर बोरे की उपलब्धता, निर्धारित दर पर धान की खरीद कर खाते में भुगतान, खरीद के समय कमीशनखोरी पर सख्त कदम उठाने, जिले में यूरिया का पर्याप्त स्टाक कराने और सहकारी समिति एवं धान क्रय केंद्र पर भ्रष्टाचार करने वाले और कमीशनखोरी में लिप्त कर्मचारियों को हटाने की मांग की। इस मौके पर अमरनाथ मौर्य, प्रेमबहादुर, बेचूलाल, सुक्खूराम पाल, हृदय लाल यादव, परदेशी राम, अशोक कुमार आदि रहे।
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