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बारिश से गिरे कच्चे घर, बिजली आपूर्ति ठप

Mon, 23 Aug 2021 07:26 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 07:26 PM IST
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Kutcha houses fell due to rain, power supply stalled
भदोही में बारिश का असर अब कच्चे और जीर्णशीर्ण हो चुके घरों पर पड़ने लगा है। रविवार को देर शाम को हुई बारिश से दो कच्चे मकान धराशायी हो गए। जिससे मलबे में दबने से सामान नष्ट हो गया जबकि चौरी के रोटहां में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जल निकासी की व्यवस्था न होने से कई बस्तियों में पानी भर गया है। पानी से दुर्गंध उठने से बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है।
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करीब एक पखवारे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। जिससे ग्रामीण अंचलों में जगह-जगह पानी भर गया है। डेढ़ से दो दशक पूर्व बने कच्चे घर बारिश के सीलन से गिरने लगे हैं। सुरियावां के डुहिया शुकुलपुर गांव निवासी जटाशंकर यादव का कच्चा मकान गिर गया। इससे घर में रखे 50 हजार से अधिक का सामान नष्ट हो गया। पीड़ित ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की। ज्ञानपुर के पूरेबहुरिया (नथईपुर) निवासी हृदय नारायण मिश्र के पक्के मकान की छत रात में बारिश के कारण गिर गई। इससे गृहस्थी के सामान, कपड़े, बेड, चूल्हा बर्तन संग राशन दबकर नष्ट हो गया।
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ग्रामीणों ने मुआवजा दिलाने की मांग की। चौरी के रोटहां में तेज बारिश के कारण ट्रांसफार्मर में तकनीकी खामी आ गई। इससे गांव के आधे हिस्से में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सोमवार की सुबह से ही कर्मचारी ठीक करने लगे है। बिजली न होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शिवराज सिंह, आशू, मनीष, संतोष सिंह, मो.अनीस, छेदीलाल गुप्ता आदि ने कहा कि 546 ग्राम पंचायतों का नेतृत्व करने वाले छह ब्लॉक, तीन तहसील, एक जिला पंचायत, लोक निर्माण विभाग भी अपने-अपने कार्य क्षेत्र की ओर उपेक्षा बरतने से जलनिकासी की समस्या दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। कारण यह है कि सड़कों के किनारे पटरी के लिए छह-छह फिट अतिरिक्त जमीनों और पुलों से ही बारिश, बाहा का पानी निकालने की सुविधा दी गई थी जिस पर अतिक्रमण हो जाने से घर का पानी तो दूर की बात बारिश का पानी निकलने में कई दिन बीत जाते हैं।
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अभोली क्षेत्र के रामनारायण, कपूरचंद, औराई के बृजनाथ, शिवशंकर, डीघ के मनोज पांडेय, रामबहादुर, सुरियावां के बद्रीनाथ, रामसागर, शिवनाथ ने कहा कि जलनिकासी न होने का परिणाम है कि दर्जनों असहाय परिवार छतविहीन हो गए और प्रमुख मार्गों की हालत दयनीय स्थिति में पहुंच गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में लगभग दो करोड़ रुपये का कोई लेखाजोखा पंचायती राज विभाग के पास भी नहीं है। इसका प्रमाण भी गोधना, सुधवैं, मैलौना, दरवांसी गांव की सीमा से जंगीगंज रेलवे स्टेशन और चंदापुर गांव को जोड़ने वाली सड़क है। मात्र दरवांसी गांव की सीमा में बनने वाले नाला के नाम पर 20 लाख का वारा-न्यारा किसी से छिपा नहीं है।

नाला न होने से सूफीनगर-दरवांसी, भानीपुर-ठाकुर बस्ती, जंगीगंज स्टेशन-रजमला, मैलौना-दरवांसी मार्ग पर चलना दुश्वार है। कई तालाबों के भरे रहने से रिहायशी घरों के गिरने का सिलसिला कब शुरु हो जाएगा कुछ नहीं कहा जा सकता। सीडीओ भानुप्रताप सिंह ने जलभराव से घिरे गांव और सड़क का निरीक्षण कराने की बात कहीं।
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