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नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म में दो को सजा
ब्यूरो/ अमर उजाला ,भदोही
Updated Tue, 03 May 2016 01:52 AM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट चंद्रोदय कुमार की अदालत ने नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में दो युवकों के खिलाफ सात और 10 साल की सजा सुनाई है। भदोही के जलालपुर मोहल्ले में तीन साल पूर्व हुई घटना में यह फैसला आया है।
वादी के मुताबिक आठ अगस्त 2013 को उसकी बेटी अपनी छोटी बहन के साथ कोचिंग पढ़ने जा रही थी। जानू शहीद मजार के समीप मोहल्ले के तेज बहादुर पुत्र सिद्धनाथ और शशिकांत पुत्र पन्नालाल उसकी बेटी को जबर्दस्ती बोलेरो में बिठाकर कहीं ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। काफी खोजबीन के बाद आरोपी युवक अपने भाई की ससुराल चेतगंज चौकी, मिर्जापुर के तिलठी गांव में मिले। 13 अगस्त 2013 को तेज बहादुर और शशिकांत के खिलाफ धारा 363 और 366 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। उसके बाद विवेचना के दौरान धारा 376 को भी जोड़ा गया। मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने तेज बहादुर को 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि अपहरण के मामले में मामले में शशिकांत को सात साल का कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अभियोजन की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता श्यामसूरत पांडेय और वादी के निजी अधिवक्ता रामजीत पांडेय ने पैरवी की।
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वादी के मुताबिक आठ अगस्त 2013 को उसकी बेटी अपनी छोटी बहन के साथ कोचिंग पढ़ने जा रही थी। जानू शहीद मजार के समीप मोहल्ले के तेज बहादुर पुत्र सिद्धनाथ और शशिकांत पुत्र पन्नालाल उसकी बेटी को जबर्दस्ती बोलेरो में बिठाकर कहीं ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। काफी खोजबीन के बाद आरोपी युवक अपने भाई की ससुराल चेतगंज चौकी, मिर्जापुर के तिलठी गांव में मिले। 13 अगस्त 2013 को तेज बहादुर और शशिकांत के खिलाफ धारा 363 और 366 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। उसके बाद विवेचना के दौरान धारा 376 को भी जोड़ा गया। मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने तेज बहादुर को 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि अपहरण के मामले में मामले में शशिकांत को सात साल का कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अभियोजन की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता श्यामसूरत पांडेय और वादी के निजी अधिवक्ता रामजीत पांडेय ने पैरवी की।
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