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जागरुक जीवन से सफल होगा जल शक्ति अभियान
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घोसिया। मां विंध्यवासिनी सागर फाउंडेशन की ओर से रविवार को महाराजगंज बाजार में जल संरक्षण जागरूकता गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि डॉ.नागेंद्र दुबे ने कहा कि जागरूक जीवन से जल शक्ति अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जल और वनस्पतियों को संरक्षण मिलने पर आने वाली पीढ़ी शुद्ध वातावरण में सांस लेकर निरोग रहेगी। ऐसा नहीं हो सका तो भविष्य में एक-दूसरे देशों से होने वाली लड़ाइयां किसी अन्य कारण से नहीं बल्कि जल और वनस्पति को लेकर ही होगी। विशिष्ट अतिथि मिथिलेश चौबे ने कहा कि जल ही मानव, जीवन में कृषि, पशुपालन, हरे-भरे पेड़ों को संरक्षित करने में अहम स्थान रखता है। अभी कुछ नहीं बिगड़ा है जल है तो कल है, जल ही जीवन है का संकल्प लेकर बारिश के पानी को बचाकर जीवन के लिए बहुपयोगी बनाया जा सकेगा।
रेखा त्रिपाठी ने बताया कि जीवन का अंग बन चुकी अनेकों प्रकार की वनस्पतियां उपेक्षा की भेंट चढ़ रही है। बचाने के नाम पर करोड़ों रुपये प्रतिवर्ष कागजों तक बहाया जाता है लेकिन धरा का सौंदर्य वह स्वरूप नहीं धारण कर पाता जिसका वह हकदार होती है। यह तभी संभव है जब हम और आप बूंद-बूंद जल का सही उपयोग जीवन के लिए करेंगे। इस मौके पर डा.आदित्यनाथ चौबे, अरुन सिंह, आलोक वर्मा, अमित तिवारी, आशीष दुबे आदि रहे।
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उन्होंने कहा कि जल और वनस्पतियों को संरक्षण मिलने पर आने वाली पीढ़ी शुद्ध वातावरण में सांस लेकर निरोग रहेगी। ऐसा नहीं हो सका तो भविष्य में एक-दूसरे देशों से होने वाली लड़ाइयां किसी अन्य कारण से नहीं बल्कि जल और वनस्पति को लेकर ही होगी। विशिष्ट अतिथि मिथिलेश चौबे ने कहा कि जल ही मानव, जीवन में कृषि, पशुपालन, हरे-भरे पेड़ों को संरक्षित करने में अहम स्थान रखता है। अभी कुछ नहीं बिगड़ा है जल है तो कल है, जल ही जीवन है का संकल्प लेकर बारिश के पानी को बचाकर जीवन के लिए बहुपयोगी बनाया जा सकेगा।
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रेखा त्रिपाठी ने बताया कि जीवन का अंग बन चुकी अनेकों प्रकार की वनस्पतियां उपेक्षा की भेंट चढ़ रही है। बचाने के नाम पर करोड़ों रुपये प्रतिवर्ष कागजों तक बहाया जाता है लेकिन धरा का सौंदर्य वह स्वरूप नहीं धारण कर पाता जिसका वह हकदार होती है। यह तभी संभव है जब हम और आप बूंद-बूंद जल का सही उपयोग जीवन के लिए करेंगे। इस मौके पर डा.आदित्यनाथ चौबे, अरुन सिंह, आलोक वर्मा, अमित तिवारी, आशीष दुबे आदि रहे।
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