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जल जीवन मिशन को 174 करोड़ से मिलेगी गति
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केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत 87 ग्राम पंचायतों के लिए 174 करोड़ स्वीकृत हो गए हैं। जल्द ही दो-दो करोड़ रुपये की लागत से पेयजल टंकियों के निर्माण का कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इससे घर-घर शुद्ध पानी पहुंचाने की मुहिम को अमली जामा पहनाया जाएगा। पहले चरण में 364 ग्राम पंचायत शामिल हुए हैं। इनमें से 280 गांवों में जमीन चिह्नित कर ली गई है।
बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ पानी की समस्या भी बढ़ती जा रही है। हैंडपंप आदि भी लगाए गए हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में आर्सेनिक, आयरन और फ्लोराइड की मात्रा पानी में बढ़ने से लोगों को तमाम तरह की बीमारियां भी होने लगी हैं। ऐसे में लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरूआत की। इस तहत सभी ग्राम पंचायतों में आबादी के हिसाब से पेयजल टंकियां स्थापित कर घर-घर पानी पहुंचाना है। पहले चरण में 546 ग्राम पंचायतों में से 364 में ओवरहेड टैंक का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जाना था। शुरूआती दौर में ग्राम पंचायतों का सहयोग नहीं मिला, लेकिन गांव में नई सरकार का गठन होने पर तेजी से जमीन चिह्नित की गई। परिणामस्वरूप अब तक 280 ग्राम पंचायतों में जमीन का चयन हो चुका है। इसमें से 87 ग्राम पंचायतों में पेयजल टंकियों के निर्माण के लिए 174 करोड़ स्वीकृत हो गए हैं। जल निगम के अधिशासी अभियंता मुजीब अहमद का कहना है कि जल जीवन मिशन पर काम चल रहा है। इसकी जिम्मेदारी सरकार की ओर से एक एजेंसी को दी गई है। जल निगम केवल मिशन के तहत चल रहे कार्यों की निगरानी करता है। 87 प्रोजेक्ट को स्वीकृत मिली चुकी है। जल्द ही संस्था काम शुरू करेगी। पेयजल टंकियों के निर्माण पर हर गांव में दो-दो करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ पानी की समस्या भी बढ़ती जा रही है। हैंडपंप आदि भी लगाए गए हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में आर्सेनिक, आयरन और फ्लोराइड की मात्रा पानी में बढ़ने से लोगों को तमाम तरह की बीमारियां भी होने लगी हैं। ऐसे में लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरूआत की। इस तहत सभी ग्राम पंचायतों में आबादी के हिसाब से पेयजल टंकियां स्थापित कर घर-घर पानी पहुंचाना है। पहले चरण में 546 ग्राम पंचायतों में से 364 में ओवरहेड टैंक का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जाना था। शुरूआती दौर में ग्राम पंचायतों का सहयोग नहीं मिला, लेकिन गांव में नई सरकार का गठन होने पर तेजी से जमीन चिह्नित की गई। परिणामस्वरूप अब तक 280 ग्राम पंचायतों में जमीन का चयन हो चुका है। इसमें से 87 ग्राम पंचायतों में पेयजल टंकियों के निर्माण के लिए 174 करोड़ स्वीकृत हो गए हैं। जल निगम के अधिशासी अभियंता मुजीब अहमद का कहना है कि जल जीवन मिशन पर काम चल रहा है। इसकी जिम्मेदारी सरकार की ओर से एक एजेंसी को दी गई है। जल निगम केवल मिशन के तहत चल रहे कार्यों की निगरानी करता है। 87 प्रोजेक्ट को स्वीकृत मिली चुकी है। जल्द ही संस्था काम शुरू करेगी। पेयजल टंकियों के निर्माण पर हर गांव में दो-दो करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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