कौलापुर। गोपीगंज के केदारपुर शुक्लान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथावाचक पं. चंद्रभूषण महाराज ने ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का विस्तार से वर्णन किया। कहा कि भगवान की कृपा के बिना जीव को न तो सच्चा ज्ञान प्राप्त हो सकता है और न ही भक्ति एवं वैराग्य। मोक्ष की प्राप्ति तो भगवान की कृपा के बिना असंभव है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब तक मनुष्य पूर्ण समर्पण और सच्ची आस्था के साथ भगवान का स्मरण नहीं करता, तब तक उसे ईश्वर की कृपा प्राप्त नहीं होती। बताया कि जिनके मन में अपने इष्ट के प्रति तनिक भी संदेह होता है, उन पर भगवान की कृपा नहीं बरसती। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति के लिए सत्संग अत्यंत आवश्यक है। बताया कि श्राप मिलने के बाद राजा परीक्षित ने अपने मोक्ष और विश्व कल्याण के लिए सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। उनकी आत्मज्ञान की प्यास बुझाने के लिए परम ज्ञानी शुकदेव महाराज ने उन्हें भक्ति और भगवान के स्वरूप का उपदेश दिया। इससे उन्हें ईश्वर की कृपा प्राप्त हुई। कहा कि सांसारिक भोगों में नहीं, बल्कि भगवान की भक्ति में ही सच्चा सुख और कल्याण निहित है। इस मौके पर शोभनाथ शुक्ला, ओमकार नाथ, संतोष शुक्ला, राजकुमार शुक्ला, अशोक मिश्रा, ओमप्रकाश शुक्ला, वैकुंठ शुक्ला आदि रहे।