UP: अंतरराष्ट्रीय धावक मुरलीधर बिंद का निधन...देश को दिलाया था सम्मान, शोक में डूबा खेल जगत; गार्ड ऑफ ऑनर
Muralidhar Bind Passes Away: पूरे सम्मान के साथ मुरलीधर के शव का अंतिम संस्कार बेहरोजपुर स्थित गंगा घाट पर किया गया। इसके पहले मदनपुर गांव में स्थित बगीचे में जहां वे शुरुआत में खेलना शुरू किए थे। वहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
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Bhadohi News: भारतीय एथलेटिक्स जगत को बृहस्पतिवार को गहरा आघात लगा। डीघ ब्लॉक के मदनपुर गांव निवासी अंतरराष्ट्रीय धावक मुरलीधर बिंद का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। निधन की खबर से पूरा जनपद शोक में डूब गया। खेल जगत, सुरक्षा बल जवानों, सामाजिक संगठन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारियों ने उनके आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
मुरलीधर ने अपने संघर्ष, अनुशासन और अद्भुत प्रतिभा से भारतीय एथलेटिक्स में अनगिनत कीर्तिमान स्थापित किए। वे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में 38 साल 8 माह सेवा देने के बाद डिप्टी कमांडेंट के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे भारतीय खेलों में नई क्रांति लाने के अपने प्रोजेक्ट के जरिए युवाओं को ओलंपिक स्तर तक पहुंचाने के प्रयास में लगातार जुटे रहे।
उनके निधन की सूचना के बाद जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक उनके आवास पर पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सांसद डॉ. विनोद बिंद की पत्नी रीना बिंद, विधायक विपुल दुबे, जाहिद बेग समेत तमाम जनप्रतिनिधियों व खिलाड़ियों ने उनके निधन पर शोक जताया। बड़ी संख्या में लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
भदोही से निकलकर अंर्तराष्ट्रीय फलक पर छाए मुरलीधर बिंद
मुरलीधर ने जीवन में संघर्ष से अद्भुत उपलब्धियां हासिल की। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 40 पदक जीता। जिसमें 20 स्वर्ण (गोल्ड), 11 रजत (सिल्वर) और 9 कांस्य (ब्रांज) मेडल था। 1977 में तीनों लंबी दौड़ इवेंट पर कब्ज़ा जमाकर उन्होंने इतिहास बना दिया। उस समय वे देश के पहले धावक बने। जिन्होंने 19 वर्ष की उम्र में 5000 मीटर 10000 मीटर मैराथन पदक जीतकर सनसनी मचा दी।
उन्होंने 2 घंटे 18 मिनट में मैराथन पूरा कर नया रिकॉर्ड बनाया। वे विश्व स्तर पर भारत को पहला ओपन मैराथन पदक दिलाने वाले धावक भी रहे। उनकी हाइट केवल पांच फुट थी। वे दुनिया के सबसे कम कद वाले ऐसे व्यक्ति बने। जिन्होंने किसी भी फोर्स में कमांडो क्वालिफिकेशन हासिल की।