ज्ञानपुर। 2021 में शुरू होने वाली जनगणना के लिए जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट परिसर में मंगलवार से पर्यवेक्षकों और प्रगणकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया। इस दौरान प्रशिक्षकों ने जनगणना में बरती जाने वाली सावधानी और प्रपत्रों के बारे में अवगत कराया।
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतोष कुमार ने कहा कि किसी भी देश के विकास एवं उसके भविष्य की नीतियों के निर्धारण के लिए देश के नागरिकों की सही संख्या का पता होना बहुत जरूरी माना जाता है। इसलिए हर 10 साल पर जनगणना कराई जाती है। 2011 में हुई जनगणना के बाद 2021 में गणना कार्य पूर्ण होना है। पेन-पेपर से शुरू हुई यह प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से पर्यवेक्षक और प्रगणक बनाए जा चुके हैं। जनगणना करते समय कई अहम बारीकियों पर ध्यान देने की जरूरत होगी। बताया कि जनगणना में प्रत्येक परिवार से 31 प्रश्नों के आधार पर नागरिकों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति के आंकड़ों को एकत्रित किया जाएगा। जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों में घर के मुखिया का नाम, मकान नंबर एवं घर की स्थिति, घर की दीवार और छत में मुख्य रूप से इस्तेमाल हुआ मैटेरियल। घर में रहने वाले लोगों की संख्या, लिंग, घर में रहने वाले विवाहित लोगों की संख्या। पीने के पानी की उपलब्धता और पानी का स्रोत, शौचालय, वाशरूम और ड्रेनेज सिस्टम। रसोई घर और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की स्थिति। रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन और इंटरनेट कनेक्शन एवं यातायात के साधन जैसे- साइकिल, मोटर साइकिल या कार और जीप आदि से संबंधित प्रश्न शामिल रहेंगे। पहले दिन 53 प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर बीईओ रजनीश श्रीवास्तव, ईओ ज्ञानपुर राजेंद्र दूबे आदि मौजूद रहे।