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केंद्र निर्धारण में चूक, अयोग्य बने परीक्षा केंद्र
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ज्ञानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए ऐसे विद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया है, जो मानक पूरे नहीं कर रहे थे। माध्यमिक शिक्षा परिषद के साफ्टवेयर की खामियों लेकर विभाग असमंजस में है। विभाग ने जिन विद्यालयों को मानक के लिहाज से अपूर्ण माना था, वह भी केंद्र बना दिए गए। हालांकि डीएम की ओर से गठित टीम की जांच के बाद केंद्रों की फाइनल सूची तय की जाएगी।
यूपी बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण को लेकर तमाम सवाल उठते थे। इसमें माध्यमिक शिक्षा विभाग की संलिप्तता की शिकायत की जाती थी। केंद्र निर्धारण को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन सूचनाएं मांगी गईं और केंद्र निर्धारण साफ्टवेयर से तय किया गया। सॉफ्टवेयर से केंद्र निर्धारण होने में भी कई खामियां सामने आईं। सप्ताह भर पूर्व करीब 186 माध्यमिक एवं इंटर कॉलेजों की सूची अपलोड की गई थी, जिसमें 76 को माध्यमिक शिक्षा परिषद की सॉफ्टवेयर ने परीक्षा केंद्र बनाया। सूची में ऐसे विद्यालयों को केंद्र बना दिया गया है, जो मानक को पूरा नहीं करते, जबकि जो पांच से 10 साल से केंद्र बन रहे थे, वह केंद्र निर्धारण में कट गए। केंद्र निर्धारण में खामियां होने से आपत्ति दर्ज कराने के पहले ही दिन 25 से अधिक स्कूल के प्रबंधकों ने अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। कुछ स्कूलों की दूरी 15 से 20 किमी दूर हो गई है। डीघ के मरसड़ा स्थित स्कूल का सेंटर औराई भेज दिया गया है। इसी तरह सुरियावां का चौरी तो अभोली का गोपीगंज सेंटर भेजा गया है। 14 नवंबर तक केंद्र निर्धारण की आपत्ति ली जाएगी। उसके बाद आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार चौरसिया ने बताया कि बोर्ड के सॉफ्टवेयर सें केंद्रों का निर्धारण किया गया है। कुछ केंद्रों में खामियां हैं। आपत्तियां आने के बाद उनका निस्तारण होगा। डीएम की गठित टीम की जांच के बाद उसमें बदलाव हो सकते हैं। बताते चलें कि बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 62 हजार छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण को लेकर तमाम सवाल उठते थे। इसमें माध्यमिक शिक्षा विभाग की संलिप्तता की शिकायत की जाती थी। केंद्र निर्धारण को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन सूचनाएं मांगी गईं और केंद्र निर्धारण साफ्टवेयर से तय किया गया। सॉफ्टवेयर से केंद्र निर्धारण होने में भी कई खामियां सामने आईं। सप्ताह भर पूर्व करीब 186 माध्यमिक एवं इंटर कॉलेजों की सूची अपलोड की गई थी, जिसमें 76 को माध्यमिक शिक्षा परिषद की सॉफ्टवेयर ने परीक्षा केंद्र बनाया। सूची में ऐसे विद्यालयों को केंद्र बना दिया गया है, जो मानक को पूरा नहीं करते, जबकि जो पांच से 10 साल से केंद्र बन रहे थे, वह केंद्र निर्धारण में कट गए। केंद्र निर्धारण में खामियां होने से आपत्ति दर्ज कराने के पहले ही दिन 25 से अधिक स्कूल के प्रबंधकों ने अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। कुछ स्कूलों की दूरी 15 से 20 किमी दूर हो गई है। डीघ के मरसड़ा स्थित स्कूल का सेंटर औराई भेज दिया गया है। इसी तरह सुरियावां का चौरी तो अभोली का गोपीगंज सेंटर भेजा गया है। 14 नवंबर तक केंद्र निर्धारण की आपत्ति ली जाएगी। उसके बाद आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार चौरसिया ने बताया कि बोर्ड के सॉफ्टवेयर सें केंद्रों का निर्धारण किया गया है। कुछ केंद्रों में खामियां हैं। आपत्तियां आने के बाद उनका निस्तारण होगा। डीएम की गठित टीम की जांच के बाद उसमें बदलाव हो सकते हैं। बताते चलें कि बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 62 हजार छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
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