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गर्मी और उमस से बढ़े डायरिया के मरीज
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Wed, 31 Aug 2016 01:32 AM IST
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पिछले दिनों हुई बारिश से दूषित हो चुके पानी और तीन-चार दिनों से पड़ रही भीष ण गर्मी और उमस के चलते जिले में डायरिया का असर तेजी से बढ़ गया है। जिले में सरका री से लेकर निजी अस्पताल तक डायरिया से पीड़ित उल्टी-दस्त के मरीजों से अट जा रहे हैं। मौसम के और असावधानी बरतने पर डायरिया के चपेट में फौरन लोग आ रहे हैं। मरीजों की तीमारदारी कर रहे लोगों को भी सतर्क न रहने पर मरीज बनने में देर नहीं लग रही है। मंगलवार को जिले के सीएचसी, पीएचसी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। महराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर पर जहां मरीजों की लंबी कतार लगी रही। इस दौरान कुल नौ 41 पर्चियां काटी गई। वहीं इमर्जेंसी में देर शाम तक डायरिया से पीड़ित 45 मरीज भर्ती हुए।
मालूम हो कि गंगा में आई बाढ़ और पिछले दिनों हुई बारिश के चलते जलजमाव ने गांव से लेकर शहरी इलाकों में हैंडपंपों, कुओं आदि के पानी को दूषित कर दिया है। चूंकि पानी में प्रशासन की ओर से ब्लीचिंग पर्याप्त मात्रा में छिड़काव नहीं किया जा सका है। इसके च लते पानी स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक बना हुआ है, गरीब और पिछड़े क्षेत्र में लोग उ सी पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। वहीं पिछले तीन-चार दिनों से गर्मी और उमस में हो रही कड़क धूप भी स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव डाल रहा है। धूप-छांव के दौरान खान-पान में लापरवाही बरतना भारी पड़ रहा हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव के ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लगी रही।इमर्जेंसी में डायरिया से पीड़ित भिदिउरा निवासी चनरा देवी (60), खेमईपुर निवासी आशा (16), अजयपुर निवासी इंद्र (आठ), वासुदेवपुर निवासी उमराई देवी (78), कांवल निवासी गुड़िया (26), टकटैया निवासी शीला (36), पटेलनगर निवासी शांति सिंह (70), गोपीपुर निवासी दामिनी (36), बैरा खास निवासी नीतू (23) और भदोही निवासी सुनीता (42) समेत कुल 45 मरीज देर शाम तक भर्ती हुए।
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मालूम हो कि गंगा में आई बाढ़ और पिछले दिनों हुई बारिश के चलते जलजमाव ने गांव से लेकर शहरी इलाकों में हैंडपंपों, कुओं आदि के पानी को दूषित कर दिया है। चूंकि पानी में प्रशासन की ओर से ब्लीचिंग पर्याप्त मात्रा में छिड़काव नहीं किया जा सका है। इसके च लते पानी स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक बना हुआ है, गरीब और पिछड़े क्षेत्र में लोग उ सी पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। वहीं पिछले तीन-चार दिनों से गर्मी और उमस में हो रही कड़क धूप भी स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव डाल रहा है। धूप-छांव के दौरान खान-पान में लापरवाही बरतना भारी पड़ रहा हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव के ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लगी रही।इमर्जेंसी में डायरिया से पीड़ित भिदिउरा निवासी चनरा देवी (60), खेमईपुर निवासी आशा (16), अजयपुर निवासी इंद्र (आठ), वासुदेवपुर निवासी उमराई देवी (78), कांवल निवासी गुड़िया (26), टकटैया निवासी शीला (36), पटेलनगर निवासी शांति सिंह (70), गोपीपुर निवासी दामिनी (36), बैरा खास निवासी नीतू (23) और भदोही निवासी सुनीता (42) समेत कुल 45 मरीज देर शाम तक भर्ती हुए।
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