कालीन के ऑस्कर में भदोही का जलवा: 2017 में यहां की डिजाइन ने अमेरिका-चीन को पछाड़ कर जीता था अवॉर्ड
कालीन उद्योग के ऑस्कर कहे जाने वाले इस अवाॅर्ड में कम से कम दो अवसरों पर भदोही की डिजाइन ने अमेरिका, चीन जैसे देशों को पछाड़ कर बेस्ट डिजाइन अवाॅर्ड जीते हैं। इसके अलावा जिले के निर्यातक सूर्यमणि तिवारी ने तीन बार राष्ट्रपति से सम्मान प्राप्त किया है।
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कालीन उद्योग के ऑस्कर कहे जाने वाले इस अवाॅर्ड में कम से कम दो अवसरों पर भदोही की डिजाइन ने अमेरिका, चीन जैसे देशों को पछाड़ कर बेस्ट डिजाइन अवाॅर्ड जीते हैं। इसके अलावा जिले के निर्यातक सूर्यमणि तिवारी ने तीन बार राष्ट्रपति से सम्मान प्राप्त किया है। डोमोटेक्स में डिजाइन अवाॅर्ड की परंपरा काफी पुरानी है। जनवरी में हनोवर में जब डोमोटेक्स होता है, तो दुनिया भर के कालीन निर्यातक अपना नामांकन करते हैं।
जिसमें से कुल आठ श्रेणियों में बेस्ट डिजाइन अवाॅर्ड दिए जाते हैं। साल 2017 में भदोही के आठ में से दो डिजाइन को सर्वोत्तम डिजाइन का अवाॅर्ड मिला था। भदोही के नई बाजार की स्टर्लिंग रग्स के नुमान वजीरी की डिजाइन सुपर मून को मिला था।
जुरी ने प्रत्येक श्रेणी के लिए तीन-तीन डिजाइनों को फाइनल दौर के लिए नामित किया था। जिसमें से एक अवाॅर्ड भदोही के नई बाजार के डिजाइन को मिला। इसी वर्ष दूसरा सर्वोत्तम डिजाइन अवाॅर्ड जयपुर की जयपुर रग्स को मिला था।
65 देशों के 221 कालीन डिजाइनों को पछाड़ कर पाया अवार्ड
वर्ष 2017 से पूर्व 2014 में भी भारतीय डिजाइन ने डोमोटेक्स में भदोही की नायाब कारीगरी का डंका बजाया था। जब 65 देशों से नामित 221 कालीन डिजाइ में आठ में से एक बेस्ट ट्रांसिस्नल डिजाइन का अवाॅर्ड गोपीगंज (भदोही) की ग्लोबल ओवरसीज को मिला था। इसे बनाने वाले संजय गुप्ता कहते हैं, तब मुझे भी इसका आभास नहीं था कि हमारे बुनकरों और डिजाइनरों ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ डिजाइन बना दी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी डिजाइन की खासियत यह थी, तब इस तरह के डिजाइन नहीं बनते थे। डिजाइन में एक बाग दिखाया गया था। जिसमे मुख्यत: दो रंग ही दिखाई पड़ते हैं। हालांकि पांच से अधिक रंगों का इस्तेमाल डिजाइन में किया गया है।
जिले के प्रमुख कालीन निर्यातक सूर्यमणि तिवारी को निर्यात के लिए तीन बार राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत होने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया हैंडनॉटेड वुलेन कालीनों के निर्यात को लेकर उन्हें साल 2009 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की ओर से उन्हें निर्यात श्री गोल्ड अवाॅर्ड मिला था। इसके अलावा 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के ही हाथों में निर्यात श्री सिल्वर अवार्ड से सम्मानित होने का अवसर मिला था। बताया कि इसके अलावा कई मौकों पर कालीन को विदेशों में सराहना मिली है। जिसके पीछे कारीगरों की बुनाई और कर्मचारियों का मेहनत शामिल है।