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कोरोना काल में सुधरी अस्पतालों की व्यवस्था, बढ़ा विश्वास
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वैश्विक महामारी कोरोना काल में कई लोगों की जान चली गई। सरकारी अस्पतालों में भगवाने भरोसे वाली व्यवस्था के कारण भी लोगों को परेशान होना पड़ा। हालांकि पहली लहर के बाद शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जो तैयारी की गई और सुविधाओं में सुधार किया गया, उससे न सिर्फ चिकित्सा व्यवस्था मजबूत हुई, बल्कि लोगों का सरकारी अस्पतालों के प्रति विश्वास भी बढ़ा। जिन अस्पतालों में अपेक्षित संख्या में बेड नहीं थे, वहां ऑक्सीजनयुक्त बेड हो गए। विभिन्न सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाकर पाइपलाइन से आपूर्ति सुनिश्चित कर दी गई। कुल 225 बेड सुरक्षित किए गए, वहीं कार्मिकों की भी भर्ती की गई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भदोही, ज्ञानपुर, औराई, सुरियावां, डीघ में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। अस्पतालों में एल-2 अस्पताल की व्यवस्था के अनुरूप 225 ऑक्सीजनयुक्त बेडों की संख्या बढ़ाई गई। चिकित्सा सुविधा में सुधार के लिए जिले को दो करोड़ रुपये भी मिले। इस धनराशि से भदोही में 50, ज्ञानपुर में 50, औराई में 35, सुरियावां में 30, डीघ में 30, दुर्गागंज में 30 बेड व्यवस्थित किए गए। महाराजा बलवंत सिंह चिकित्सालय भदोही में ऑक्सीजन की सुविधा से युक्त 50 बेड हैं। जिला चिकित्सालय महाराजा चेतसिंह में भी 50 अतिरिक्त बेड हैं। इसके साथ ही अन्य अस्पतालों में भी व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर मॉक ड्रिल भी किया जाता है। इसके तहत यह परखा जाता है कि विपरीत परिस्थितियों के लिए हम कितने तैयार हैं। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अमित कुमार दुबे का कहना है कि कोविड महामारी से निपटने के लिए सरकार के निर्देशों के अनुरूप हमारी तैयारी पूरी है। विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजनयुक्त बेड हैं। बीच-बीच में समीक्षा भी की जाती है। मॉक ड्रिल करके व्यवस्था को परखा जाता है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भदोही, ज्ञानपुर, औराई, सुरियावां, डीघ में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। अस्पतालों में एल-2 अस्पताल की व्यवस्था के अनुरूप 225 ऑक्सीजनयुक्त बेडों की संख्या बढ़ाई गई। चिकित्सा सुविधा में सुधार के लिए जिले को दो करोड़ रुपये भी मिले। इस धनराशि से भदोही में 50, ज्ञानपुर में 50, औराई में 35, सुरियावां में 30, डीघ में 30, दुर्गागंज में 30 बेड व्यवस्थित किए गए। महाराजा बलवंत सिंह चिकित्सालय भदोही में ऑक्सीजन की सुविधा से युक्त 50 बेड हैं। जिला चिकित्सालय महाराजा चेतसिंह में भी 50 अतिरिक्त बेड हैं। इसके साथ ही अन्य अस्पतालों में भी व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर मॉक ड्रिल भी किया जाता है। इसके तहत यह परखा जाता है कि विपरीत परिस्थितियों के लिए हम कितने तैयार हैं। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अमित कुमार दुबे का कहना है कि कोविड महामारी से निपटने के लिए सरकार के निर्देशों के अनुरूप हमारी तैयारी पूरी है। विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजनयुक्त बेड हैं। बीच-बीच में समीक्षा भी की जाती है। मॉक ड्रिल करके व्यवस्था को परखा जाता है।
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