फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   If youth get the ability to create, resources and facilities, their skills will flourish

Bhadohi News: युवाओं में सृजन की क्षमता, संसाधन और सुविधा मिले तो निखरे कौशल

Mon, 28 Apr 2025 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:21 AM IST
विज्ञापन
If youth get the ability to create, resources and facilities, their skills will flourish
ज्ञानपुर। सरकार ने नई शिक्षा नीति के रूप में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ तो किया है, लेकिन विद्यालयों में उसे पूर्णत: लागू किए जाने पर विचार होने चाहिए।
विज्ञापन

नई शिक्षा नीति में कौशल विकास पर जोर दिया गया है, लेकिन संसाधन विहीन कॉलेजों के कारण यह फलीभूत नहीं हो पा रहा है। यह बातें अमर उजाला की ओर से शिक्षा और बेरोजगारी विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में हिंद फाउंडेशन के सचिव हरिकिशन शुक्ला ने कहीं।
विज्ञापन

उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त करते हुए सकारात्मक कदम उठाने की मांग की। धीरज दुबे ने कहा कि देश आज आंतरिक और बाह्य रूप से मजबूत हुआ है, लेकिन देश की मजबूती लिए युवाओं का सशक्त होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए स्टार्टअप जैसी योजनाएं संचालित हैं, लेकिन वह धरातल पर कितना उतरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शचींद्र पांडेय का कहना था कि युवाओं में इस समय धार्मिक चेतना जागृत हुई है। यह भारत जैसे सांस्कृतिक व अध्यात्मिक समृद्धि वाले देश के लिए अच्छी बात है। उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त की। उत्तम पांडेय ने कहा कि शिक्षा हमेशा से नींव रही है। इसे मजबूत करने के बारे में सोचना होगा।
श्रेयांस शुक्ला ने कहा कि युवाओं की सोच में अब पहले से परिवर्तन आया है। उन्होंने इसके लिए सरकारी योजनाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। प्रवीण रतन ने कहा कि शिक्षा और बेरोजगारी दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। अगर उत्कृष्ट शिक्षा का अभाव होगा तो बेरोजगारी की समस्या का समाधान मुमकिन नहीं है। अनुपम पांडेय ने स्कूल और कॉलेजों के ढांचागत सुधार की वकालत की।

वहीं मोहित उपाध्याय ने केएनपीजी के कृषि संकाय को अब तक संचालित न होने पर सवाल उठाया। बताया कि सालों से नियुक्ति का इंतजार है, लेकिन करोड़ों का भवन बनाकर खड़ा कर दिया गया, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी। यह बड़ी विडंबना है। सनी उपाध्याय ने भी उनकी बातों का समर्थन किया। इस दौरान सत्या सरोज, अमर शुक्ला, अनुपम पांडेय, राजेंद्र सरोज, आयुष जायसवाल, आलोक शर्मा ने भी विचार रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed