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Bhadohi News: अब डीएल के लिए ‘जुगाड़’ नहीं, एआई कैमरे की निगरानी में देनी होगी परीक्षा
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डीघ के हरदेवपुर में डीटीसी सेंटर पर बना कार टेस्टिंग ट्रैक। संवाद
ज्ञानपुर। जिले में अब ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) प्राप्त करने के लिए ‘जुगाड़’ वाली व्यवस्था नहीं लग सकेगी। डीएल के लिए अब एआई आधारित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर परीक्षा देनी होगी। ट्रैक पर लगे सेंसरयुक्त एआई कैमरों से वाहन चालक की हर गतिविधि की निगरानी होगी। जहां कहीं गलती होगी, वहां तत्काल बीप की आवाज होगी।
20 लाख की आबादी पर दो सेफ रोड ट्रेनिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (डीटीसी) बनाने हैं। इनमें डीघ ब्लॉक के हरदेवपुर गांव के पास पहला डीटीसी सेंटर बनकर तैयार है। वहीं, दूसरा औराई ब्लॉक के मामदेवपुर के पास बनाया जाएगा। अब तक टेस्टिंग ट्रैक न होने से परिवहन विभाग में कच्चे ट्रैक पर ही परीक्षा देकर डीएल प्राप्त किया जाता था।
जिले में हर दिन करीब 25 डीएल बनाए जाते हैं। टेस्टिंग ट्रैक न होने के कारण संभागीय परिवहन विभाग परिसर में ही कच्चे ट्रैक पर परीक्षा देकर ‘जुगाड़’ के सहारे डीएल प्राप्त कर लिया जाता है। जिले में काफी समय से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल से ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनाए जाने की योजना चल रही है, लेकिन जमीन न मिलने से वह धरातल पर नहीं उतर पा रही थी।
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परिवहन विभाग के काफी प्रयास के बाद अब डीघ ब्लॉक के हरदेवपुर गांव में पहला डीटीसी बनकर तैयार है। इसका 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा औराई ब्लॉक के मामदेवपुर गांव में दूसरे डीटीसी सेंटर के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। इस सेंटर में बाइक, चार पहिया और बड़े वाहनों का डीएल प्राप्त करने के लिए सेंसरयुक्त एआई कैमरे की निगरानी में बनाए गए ट्रैक पर परीक्षा देनी होगी। ट्रैक पर वाहन चलाते समय चालक को निर्धारित समय में घुमावदार ट्रैक को पार करना होगा। इस बीच अगर थोड़ी भी गलती होती है तो सेंसरयुक्त एआई कैमरे बीप की आवाज करने लगेंगे, जिससे डीएल नहीं मिल सकेगा।
ट्रैक पर प्रशिक्षण भी मिलेगा
निर्माणाधीन डीटीसी सेंटर में न सिर्फ डीएल के लिए वाहन चालकों की परीक्षा कराई जाएगी, बल्कि बाइक, चार पहिया से लेकर बड़े वाहनों, जिसमें ट्रक भी शामिल है, के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पीपीपी मॉडल के तहत संचालित होने वाले इस डीटीसी सेंटर में कुशल प्रशिक्षक रखे जाएंगे, जो हर दिन निर्धारित समयावधि में वाहन चालकों को प्रशिक्षित करने के साथ ही यातायात नियमों के बारे में भी बताएंगे। इसके साथ ही सड़कों पर लगे संकेतकों और सफेद पट्टियों का क्या मतलब होता है, इसके बारे में भी बताया जाएगा।
10 लाख की आबादी पर एक डीटीसी सेंटर
शासन की मंशा है कि सड़क पर होने वाले वाहन हादसों को कम किया जाए। इसके लिए कुशल प्रशिक्षण सबसे जरूरी है। इसलिए 10 लाख की आबादी पर एक सेंटर खोले जाने की योजना है। जिले की आबादी करीब 20 लाख के आसपास है। ऐसे में जिले में दो डीटीसी सेंटर खोले जाएंगे। इनमें पहला हरदेवपुर और दूसरा मामदेवपुर में होगा। हरदेवपुर का डीटीसी सेंटर लगभग 90 फीसदी तक पूरा हो चुका है।
इस तरह से आपको मिलेगा डीएल
वाहन के ट्रैक से बाहर जाने या गलती होने पर सेंसर तुरंत बीप कर देंगे।
100 अंकों की इस परीक्षा में पास होने के लिए कम से कम 60 अंक प्राप्त करने होंगे।
दोपहिया वाहन के लिए अंग्रेजी के ''8'' आकार के ट्रैक पर 90 सेकंड के भीतर टेस्ट पास करना होगा।
चार पहिया वाहन को 3.82 मिनट में घुमावदार टेस्टिंग ट्रैक पार करना होगा।
डीटीसी सेंटर में प्रशिक्षण अवधि व शुल्क
प्रशिक्षण कोर्स
शुल्क
कुल ट्रेनिंग
लाइट मोटर वाहन
6000
29 घंटे (4 सप्ताह में)
मीडियम/हैवी मोटर वाहन
10000
38 घंटे (4 सप्ताह में)
वाहन मैकेनिज्म
1000
12 घंटे (2 दिन में)
ट्रैफिक एजुकेशन
500
6 घंटे (एक दिन में)
रिफ्रेशर/ओरिएंटेशन कोर्स
1000
10 घंटे (2 दिन में)
वाहन पर आग के खतरों का प्रशिक्षण
500
4 घंटे (एक दिन में)
जिले में दो डीटीसी सेंटर बनाए जाएंगे। दोनों पीपीपी मॉडल पर संचालित होंगे। पहला बनकर लगभग तैयार है। दूसरे के लिए जमीन चिह्नित हो चुकी है। सेंटर पर डीएल के लिए एआई कैमरों की निगरानी में परीक्षा देनी होगी। वहीं, वाहनों का प्रशिक्षण भी कुशल प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा। हरदेवपुर के सेंटर का जल्द ही संचालन शुरू होगा।
- राम सिंह, एआरटीओ
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20 लाख की आबादी पर दो सेफ रोड ट्रेनिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (डीटीसी) बनाने हैं। इनमें डीघ ब्लॉक के हरदेवपुर गांव के पास पहला डीटीसी सेंटर बनकर तैयार है। वहीं, दूसरा औराई ब्लॉक के मामदेवपुर के पास बनाया जाएगा। अब तक टेस्टिंग ट्रैक न होने से परिवहन विभाग में कच्चे ट्रैक पर ही परीक्षा देकर डीएल प्राप्त किया जाता था।
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जिले में हर दिन करीब 25 डीएल बनाए जाते हैं। टेस्टिंग ट्रैक न होने के कारण संभागीय परिवहन विभाग परिसर में ही कच्चे ट्रैक पर परीक्षा देकर ‘जुगाड़’ के सहारे डीएल प्राप्त कर लिया जाता है। जिले में काफी समय से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल से ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनाए जाने की योजना चल रही है, लेकिन जमीन न मिलने से वह धरातल पर नहीं उतर पा रही थी।
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परिवहन विभाग के काफी प्रयास के बाद अब डीघ ब्लॉक के हरदेवपुर गांव में पहला डीटीसी बनकर तैयार है। इसका 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा औराई ब्लॉक के मामदेवपुर गांव में दूसरे डीटीसी सेंटर के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। इस सेंटर में बाइक, चार पहिया और बड़े वाहनों का डीएल प्राप्त करने के लिए सेंसरयुक्त एआई कैमरे की निगरानी में बनाए गए ट्रैक पर परीक्षा देनी होगी। ट्रैक पर वाहन चलाते समय चालक को निर्धारित समय में घुमावदार ट्रैक को पार करना होगा। इस बीच अगर थोड़ी भी गलती होती है तो सेंसरयुक्त एआई कैमरे बीप की आवाज करने लगेंगे, जिससे डीएल नहीं मिल सकेगा।
ट्रैक पर प्रशिक्षण भी मिलेगा
निर्माणाधीन डीटीसी सेंटर में न सिर्फ डीएल के लिए वाहन चालकों की परीक्षा कराई जाएगी, बल्कि बाइक, चार पहिया से लेकर बड़े वाहनों, जिसमें ट्रक भी शामिल है, के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पीपीपी मॉडल के तहत संचालित होने वाले इस डीटीसी सेंटर में कुशल प्रशिक्षक रखे जाएंगे, जो हर दिन निर्धारित समयावधि में वाहन चालकों को प्रशिक्षित करने के साथ ही यातायात नियमों के बारे में भी बताएंगे। इसके साथ ही सड़कों पर लगे संकेतकों और सफेद पट्टियों का क्या मतलब होता है, इसके बारे में भी बताया जाएगा।
10 लाख की आबादी पर एक डीटीसी सेंटर
शासन की मंशा है कि सड़क पर होने वाले वाहन हादसों को कम किया जाए। इसके लिए कुशल प्रशिक्षण सबसे जरूरी है। इसलिए 10 लाख की आबादी पर एक सेंटर खोले जाने की योजना है। जिले की आबादी करीब 20 लाख के आसपास है। ऐसे में जिले में दो डीटीसी सेंटर खोले जाएंगे। इनमें पहला हरदेवपुर और दूसरा मामदेवपुर में होगा। हरदेवपुर का डीटीसी सेंटर लगभग 90 फीसदी तक पूरा हो चुका है।
इस तरह से आपको मिलेगा डीएल
वाहन के ट्रैक से बाहर जाने या गलती होने पर सेंसर तुरंत बीप कर देंगे।
100 अंकों की इस परीक्षा में पास होने के लिए कम से कम 60 अंक प्राप्त करने होंगे।
दोपहिया वाहन के लिए अंग्रेजी के ''8'' आकार के ट्रैक पर 90 सेकंड के भीतर टेस्ट पास करना होगा।
चार पहिया वाहन को 3.82 मिनट में घुमावदार टेस्टिंग ट्रैक पार करना होगा।
डीटीसी सेंटर में प्रशिक्षण अवधि व शुल्क
प्रशिक्षण कोर्स
शुल्क
कुल ट्रेनिंग
लाइट मोटर वाहन
6000
29 घंटे (4 सप्ताह में)
मीडियम/हैवी मोटर वाहन
10000
38 घंटे (4 सप्ताह में)
वाहन मैकेनिज्म
1000
12 घंटे (2 दिन में)
ट्रैफिक एजुकेशन
500
6 घंटे (एक दिन में)
रिफ्रेशर/ओरिएंटेशन कोर्स
1000
10 घंटे (2 दिन में)
वाहन पर आग के खतरों का प्रशिक्षण
500
4 घंटे (एक दिन में)
जिले में दो डीटीसी सेंटर बनाए जाएंगे। दोनों पीपीपी मॉडल पर संचालित होंगे। पहला बनकर लगभग तैयार है। दूसरे के लिए जमीन चिह्नित हो चुकी है। सेंटर पर डीएल के लिए एआई कैमरों की निगरानी में परीक्षा देनी होगी। वहीं, वाहनों का प्रशिक्षण भी कुशल प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा। हरदेवपुर के सेंटर का जल्द ही संचालन शुरू होगा।
- राम सिंह, एआरटीओ