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कॉलेज में बाहरी लड़के परेशान करें तो तुरंत पुलिस को बताएं

Wed, 25 Nov 2020 11:59 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 25 Nov 2020 11:59 PM IST
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If outside boys in college bother, then immediately tell the police
ज्ञानपुर। मैडम! कॉलेज में बाहरी लड़के आकर छात्राओं को परेशान करते हैं। उनका एडमिशन नहीं रहता, मगर उनकी हरकतें कैंपस में दिनभर चलती रहती हैं। इस समस्या से कैसे छुटकारा मिलेगा। केएनपीजी कॉलेज की छात्रा नीशू के इस सवाल को सुनते ही एसपी हरिप्रिया श्रीवास्तव ने कहा कि आप पहले कॉलेज के प्राचार्य से शिकायत करें। अगर उसके बाद भी बात नहीं बनती है तो पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर शिकायत करें। इसके बाद पुलिस उनसे निपटेगी।
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चौंकिए नहीं, भदोही जिले के पुलिस अधीक्षक बदले नहीं। बल्कि एक दिन के लिए डीएम-एसपी की भूमिका निभा रहीं छात्राओं के जनसुनवाई कार्यक्रम में इसी अंदाज में समस्याओं का निपटारा किया। महिला कल्याण विभाग की ओर से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में डीएम-एसपी बनीं केएनपीजी कॉलेज की बीए अंतिम वर्ष की छात्राएं अंकिता शुक्ला और हरिप्रिया श्रीवास्तव की प्रशासनिक अफसरों की तरह कार्यप्रणाली देखकर लोग दंग रह गए। प्रशासन के आला हाकिमों की कुर्सी पर बैठीं दोनों छात्राओं ने अधिकारियों से सवाल जवाब भी किए। कार्यक्रम में ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलाकर लगभग 50 महिलाओं और छात्राओं ने प्रतिभाग किया था, जो छात्राओं की प्रतिभा की मुरीद हो गईं। कहा इनकी तरह अधिकारी सक्रियता दिखाएं तो न भ्रष्टाचार रहेगा, न अपराधी। तमाम महिलाओं और छात्राओं ने सवाल कर समस्या समाधान पाया।
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डीएम बनीं छात्रा अंकिता शुक्ला ने मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। महिला कल्याण विभाग की जिला समन्वयक रेशमा भारती ने डीएम से सवाल किया कि हरियांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर अराजक तत्व जुआ खेलते हैं। उनको रोकने के लिए क्या करें। जवाब मिला 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचित करें। छात्रा अंकिता ने पूछा कि जिला स्टेडियम में खेल अधिकारी भेदभाव करते हैं। इसको रोकने के लिए महिला अधिकारी की नियुक्ति की जाए, तभी भेदभाव रुकेगा। जनक समिति महिला स्वधार गृह की अधीक्षिका गरिमा सिंह ने पूछा कि रात में मानसिक रोग से पीड़ित महिलाएं घूमती हैं, जिनको अधिकारी संस्था में पहुंचाते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें कहां रखा जाना चाहिए तो डीएम ने जवाब दिया प्रोबेशन अधिकारी को जानकारी देकर महिला को मेंटल हॉस्पिटल भिजवाया जा सकता है। साधना बिंद, राजकुमारी, सरिता, फूलकला ने सवाल किया आवास और शौचालय नहीं मिले हैं। इस पर डीएम ने कहा कि जांच करके सबको आवास-शौचालय दिलवाने का प्रयास किया जाएगा। अलुआ की सुशीला ने पूछा कि मैं पढ़ी-लिखी हूं, लेकिन रोजगार नहीं मिल रहा है। डीएम ने जवाब दिया आप अपनी योग्यता के अनुसार जॉब के लिए आवेदन करें, चयनित होने पर अवश्य रोजगार मिलेगा। इस मौके पर डीएम राजेंद्र प्रसाद, एसपी रामबदन सिंह समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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